Rajasthan News: राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद दो प्रसूताओं की मौत का मामला फिर चर्चा में है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने रेशमा और अनीता बैरवा की मौत को दुखद बताते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाए। जूली ने पूछा कि जब इन घटनाओं के बाद भी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं होती, तो आखिर इन मौतों के लिए जिम्मेदार कौन है?
प्रसूताओं की मौत पर सरकार को घेरा
टीकाराम जूली ने कहा कि कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने से रेशमा और अनीता बैरवा की मौत बेहद दुखद है। उनके मुताबिक, इन घटनाओं ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार के सुशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जूली ने आरोप लगाया कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने में लगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को केवल दावों की नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और जवाबदेही की जरूरत है।
तीन डॉक्टरों की बहाली पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले में पहले निलंबित किए गए तीन डॉक्टरों की बहाली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब पांच महीने बाद तीनों डॉक्टरों को बहाल कर दिया गया, जबकि जांच समितियों को कोई दोषी नहीं मिला।
जूली का कहना है कि प्रसूताओं की लगातार मौतों के मामलों में केवल जांच समितियां गठित करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार पर जिम्मेदारी तय करने के बजाय जांच का सहारा लेने का आरोप लगाया।
आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन?
टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया कि अगर इतनी गंभीर घटनाओं के बाद भी किसी की जवाबदेही तय नहीं होती, तो इन माताओं की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है? उन्होंने पूछा कि सरकार कब तक जांच समितियों के पीछे छिपकर अपनी जिम्मेदारी से बचती रहेगी?
जूली ने आरोप लगाया कि सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक नाकामी के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ये आरोप नेता प्रतिपक्ष ने लगाए हैं। मामले में जिम्मेदारी तय होने को लेकर संबंधित जांच और आधिकारिक पक्ष अलग से महत्वपूर्ण होंगे।
सुशासन के दावों पर भी निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सत्ता में रहते हुए सुशासन के दावे करना आसान है, लेकिन जनता को बेहतर और जवाबदेह स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए। उनके मुताबिक, प्रसूताओं की मौत जैसी गंभीर घटनाओं में जिम्मेदारी तय करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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