कुरुक्षेत्र। ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे के लालच का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने बिजली विभाग के एक अधिकारी को करीब 14 लाख रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने पहले उनके ट्रेडिंग खाते में मुनाफा का लालच दिखाया। इससे अधिकारी को निवेश पर भरोसा हो गया। लेकिन जब अपनी रकम वापस लेने की बारी आई, तो नए-नए बहाने सामने आने लगे। कभी डॉलर जमा कराने की शर्त रखी गई, तो कभी टैक्स के नाम पर पैसे मांगे गए। आखिर में रकम भी हाथ नहीं आई और ट्रेडिंग खाता भी बंद हो गया।

पीड़ित पवन कुमार बिजली विभाग में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक के एक लिंक से शुरू हुआ खेल

पवन कुमार के पास फेसबुक पर निवेश से जुड़ा एक लिंक आया था। उन्होंने उस पर क्लिक किया और अपनी ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर दर्ज कर दिए। इसके बाद अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आने लगी।

फोन करने वाले ने खुद को एआई क्वांटम से जुड़ा बताया। उसने निवेश के लिए खाता खुलवाने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में 22 हजार रुपये मांगे गए। जब अधिकारी ने अपनी सरकारी नौकरी के बारे में बताया, तो उन्हें विशेष छूट देने की बात कही गई। इसके बाद करीब 18 हजार रुपये जमा कराने को कहा गया।

थोड़ा निवेश कराया, फिर बढ़ता गया भरोसा

शिकायत के मुताबिक, ठगों ने अधिकारी को यूपीआई आईडी भेजी। उन्होंने अपने एसबीआई बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद कंपनी के मैनेजर से बात कराने के नाम पर 11119 कोड दिया गया।

कुछ समय बाद विदेशी नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने तेल की कीमतें बढ़ने का हवाला देकर और निवेश करने के लिए कहा। अधिकारी ने 50 हजार रुपये और जमा कर दिए। यह रकम उनके ट्रेडिंग खाते में दिखाई देने लगी।

खाते में मुनाफा नजर आने से उन्हें लगा कि निवेश सही जगह हो रहा है। यहीं से ठगी का जाल और गहरा होता चला गया।

सोना-चांदी के नाम पर भी जमा कराए लाखों

आरोपियों ने इसके बाद निवेश के नए मौके बताने शुरू कर दिए। शिकायत के अनुसार, चांदी में निवेश के नाम पर एक फाइनेंस बैंक खाते में 2 लाख 25 हजार रुपये जमा कराए गए। फिर सोने में निवेश का झांसा देकर इसी खाते में 2 लाख 75 हजार रुपये और डलवाए गए। इसके अलावा यूपीआई के जरिए 40 हजार रुपये भी ट्रांसफर कराए गए।

इस तरह अलग-अलग बहानों से अधिकारी से लगातार पैसे जमा करवाए जाते रहे।

अपनी रकम मांगी तो रख दी डॉलर जमा कराने की शर्त

मुश्किल तब बढ़ी, जब पवन कुमार ने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की। आरोपियों ने उन्हें पैसे वापस मिलने का भरोसा दिया, लेकिन पहले 4,760 अमेरिकी डॉलर जमा कराने की शर्त रख दी।

रकम वापस मिलने की उम्मीद में अधिकारी ने 50 हजार और 47 हजार रुपये भी जमा करवा दिए। इसके बाद ठगों ने दावा किया कि उनके खाते में 31,955 अमेरिकी डॉलर का मुनाफा हो चुका है। उन्होंने निवेश समेत कुल रकम 35,955 अमेरिकी डॉलर होने की बात कही।

टैक्स के नाम पर भी नहीं छोड़ा पीछा

खाते में इतनी बड़ी रकम होने का दावा करने के बाद आरोपियों ने उसे निकालने के लिए टैक्स जमा कराने को कहा। इसके लिए एक बैंक खाता नंबर भेजा गया। शिकायत के मुताबिक, अधिकारी ने पहले 5 लाख रुपये जमा करवाए। इसके बाद दोबारा पैसे मांगे गए तो करीब 2.10 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए।

इतना सब करने के बावजूद रकम वापस नहीं मिली। आरोप है कि ठगों ने बाद में उनका ट्रेडिंग खाता बंद कर दिया और निवेश से जुड़े लिंक भी हटा दिए।

अब पवन कुमार ने पुलिस से ठगी की जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।