गोविंद पटेल, कुशीनगर. जनपद में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. एक ओर जिलापूर्ति विभाग गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गैस एजेंसियों पर सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल बना हुआ है. लोग खाली सिलेंडर लेकर कई-कई दिनों से एजेंसियों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
हाटा विकास खंड के अहिरौली राजा स्थित अनुष्का एचपी गैस एजेंसी पर पिछले लगभग छह दिनों से एजेंसी बंद बताई जा रही है. उपभोक्ता रोज सिलेंडर लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन एजेंसी पर ताला लटका होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है. आरोप है कि एजेंसी संचालक का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बता रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है. वहीं नैका छपरा स्थित आदित्य एचपी गैस एजेंसी पर भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं. यहां सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग जाती है. चार-पांच दिनों से लोग नंबर लगाकर गैस सिलेंडर लेने के लिए इंतजार कर रहे हैं. भारी भीड़ के चलते सैकड़ों उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद गैस नहीं पा रहे और उन्हें खाली सिलेंडर लेकर वापस लौटना पड़ रहा है.
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स्थानीय लोगों का कहना है कि रसोई गैस की किल्लत से घरों की रसोई प्रभावित हो रही है. महिलाएं और बुजुर्ग भी गैस के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं. उधर जिलापूर्ति अधिकारी की ओर से वीडियो जारी कर जिले में गैस आपूर्ति पर्याप्त होने का दावा किया गया है, लेकिन जब उपभोक्ता उनके सरकारी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश करते हैं तो फोन बंद मिलता है. ऐसे में विभागीय दावों पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. अब बड़ा सवाल यह है कि जब गैस की आपूर्ति पर्याप्त बताई जा रही है तो एजेंसियों पर ताले क्यों लटक रहे हैं और उपभोक्ताओं को कई-कई दिनों तक लाइन में क्यों लगना पड़ रहा है. फिलहाल जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी से उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.
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