मोहाली: इंडियन प्रीमियर लीग के 12 वें संस्करण में विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर का सामना शनिवार को किंग्स इलेवन पंजाब से उसके घर मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम में होगा. बेंगलोर को अब तक टूर्नामेंट में एक भी जीत नसीब नहीं हुई है. शुरुआती 6 मैचों में उसे लगातार छह बार हार का सामना करना पड़ा है. वह अंकतालिका में सबसे नीचे आठवें स्थान पर है. लगातार तीसरे साल विजडन के लीडिंग क्रिकेटर चुने गए कोहली जानते हैं कि अब टूर्नामेंट में बचे आठ मैचों में आठ जीत ही उनकी टीम की किस्मत बदल सकती है.
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कोहली की टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी में लड़खड़ाती दिखी है. कोहली और उनके साथी एबी डिविलियर्स ने हालांकि अपनी क्लास दिखाई है लेकिन कोई और उनका साथ देता नहीं दिखा है. यह इस टीम की कमजोरी भी है कि टीम काफी हद तक कोहली और डिविलियर्स पर निर्भर रहती है. वहीं गेंदबाजी में बेंगलोर के लिए युजवेंद्र चहल के अलावा कोई और गेंदबाज कमाल नहीं दिखा पाया है. दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मैच में कोहली ने 33 गेंदों पर 41 रन बनाए थे तो वहीं मोइन अली ने 18 गेंदों पर 32 रनों की पारी खेली थी. ऐसे में कोहली की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठने लगे हैं. टीम की फिल्डिंग भी सही नहीं रही है। लगभग हर मैच में टीम के खिलाड़ियों ने कैच छोड़े हैं.
हालांकि शुक्रवार को आरसीबी के लिए एक अच्छी खबर भी आई. चोटिल नाथन कुल्टर नाइल की जगह दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन की टीम से जुड़ने की खबर आई है. डेल के टीम के साथ आने से कमजोर दिख रहे गेंदबाजी आक्रमण में निश्चित तौर पर सुधार दिखेगा.
वहीं अगर पंजाब की बात की जाए तो अपने पिछले मैच में पंजाब ने लोकेश राहुल के पहले आईपीएल शतक के दम पर 197 का स्कोर जरूर बनाया था लेकिन पोलार्ड के तूफान के सामने उसके गेंदबाज इस स्कोर का बचाव नहीं कर सके थे. पोलार्ड ने 31 गेंदों पर 83 रनों की पारी खेल पंजाब के मुंह से जीत छीन ली थी. हालांकि मुंबई के मैच को छोड़ दिया जाए तो रविचंद्रन अश्विन की कप्तानी वाली टीम से पार पाना अधिकतर टीमों से लिए टेढ़ी खीर ही रहा है. पंजाब ने अपने सात मैचों में चार में जीत हासिल की है और घर में उसने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए तीन मैच में तीन जीत हासिल की है.