नाभा (पटियाला)। गुरुवार को देर शाम नाभा की नई जिला जेल से लखा सिधाना को रिहा किया गया है. इस दौरान उन्होंने कई विषयों पर अपने विचार रखे. परविंदर झोटा के बारे में भी सवाल किया गया, इस बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह गुरुओं की बनाई हुई धरती है, यहां परविंदर जैसे झोटे हमेशा पैदा होते रहेंगे. सरकारें लंबे समय से सच बोलने वालों की आवाज दबा रही हैं. हम लंबे समय से जेल में बंद सिंहों और अमृत पाल सिंह की रिहाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं. वहीं जेल को लेकर अपने अनुभव को बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने मुझे ज्यादा टॉर्चर नहीं किया, लेकिन मैं मेंटली परेशान जरूर हूं.

उन्होंने कहा कि मुझे कई जेलों में रखा गया है, इस कारण झोटा को लेकर कई बातें पता नहीं चली हैं.
अश्वनी कुमार की दुकान गिराए जाने के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह दुकान जेसीबी से गिराई गई थी, इनके द्वारा नशों के खिलाफ लड़ने वालों पर कार्यवाही की जाती है. झोटा परिवार और सरकार के बीच सहमति पर भी उन्होंने बहुत कुछ नहीं बोला. सहमति के बारे उसने कहा कि मोर्चा में जाने के बाद मुझे पता चलेगा, की यह निर्णय कितना पक्ष का रहा है.

आपको बता दे कि लखा सिधाना लेने के लिए वारिस पंजाब दे के तरसेम सिंह, भाना सिद्धू, काका सिंह,नवजोत कौर लंबी, सतविंदर सिंह टोहडा, लखवीर सिंह लौट समेत कई लोग मौजूद रहे. लखा ने कहा कि अमृतपाल के लिए लड़ाई अब भी जारी रहेगी.

जेल के बाहर पत्रकारों द्वारा लक्खा से पूछा गया किया कि परविंदर झोटा को इंसाफ मिलेगा पर उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता क्योंकि मैं पिछले कुछ दिनों से पुलिस हिरासत में था और उन्होंने मुझे अलग-अलग पुलिस थानों में रखा था।