हकीमुद्दीन नासिर, महासमुंद। जिले में आयोजित कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा के अंग्रेजी विषय के एक प्रश्न के संभावित उत्तरों के चार विकल्पों में से एक विकल्प के तौर पर ‘राम’ का उल्लेख विवाद बन गया था. मामले में जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने खेद जताते हुए आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटि की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएगी. इसके साथ प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा.

संबंधित खबर : शिक्षा विभाग का विवादास्पद कारनामा : चौथी की परीक्षा में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप, विहिप ने फूंका DEO का पुतला, कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

विवाद के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विनय लहरे ने मीडिया से चर्चा में कहा कि संबंधित प्रश्न का चयन कर उसे प्रिंट हेतु भेजा गया था, किंतु वह प्रश्न पत्र प्रकाशित न होकर दूसरा प्रश्न पत्र का प्रकाशन हुआ. प्रश्न पत्र की गोपनीयता के कारण उसे परीक्षा केंद्र में ही खोला गया. जैसे ही संबंधित विकल्प के संबंध में जानकारी संज्ञान में आया, तत्काल उस विकल्प को हटाकर नया विकल्प दिया गया.

उन्होंने बताया कि इस मामले में संबंधित वेंडर को पत्र लिखकर प्रकाशित पांडुलिपि प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं तथा यह भी जानकारी मांगी गई है कि प्रश्न पत्र कैसे बदल गया.

जिला शिक्षा अधिकारी लहरे ने स्पष्ट किया कि विभाग की मंशा किसी भी प्रकार से किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि इस कारण किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है, तो वे जिला शिक्षा अधिकारी होने के नाते विनम्रतापूर्वक खेद प्रकट करते हैं. साथ ही आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटि की पुनरावृत्ति हो, इसके लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएंगी और प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा.