Dharm Desk – आज सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या का बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण दिन है। सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं में यह स्पष्ट बताया गया है कि बिना पितरों की कृपा और आशीर्वाद के कोई भी अपने जीवन में तरक्की, सफलता और उन्नति प्राप्त नहीं कर सकता। पितृपक्ष का यह अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन है। जिसे अपने पूर्वजों के प्रति आदर, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। यदि पूरे पितृ लपक्ष के दौरान किसी कारणवश आप अपने पितरों का स्मरण, पूजन या तर्पण न कर पाए हों, तो आज के दिन सच्चे मन और पूरी श्रद्धा से किए गए कार्यों से भी पितृ पूर्ण रूप से प्रसन्न होते हैं और पूरे परिवार को सुख, शांति, समृद्धि तथा आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

आज सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर अपने घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक वाता वरण बनाए रखने के लिए कुछ पारंपरिक और सुलभ सामग्रियों का उपयोग करें। इन सामग्रियों का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है…

पीली सरसों: यह घर और आस-पास के वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है तथा घर में शुभता और तरक्की लाती है।
काले तिल: पितृ कर्म, पूजन और तर्पण में काले तिल का उपयोग अत्यंत प्रिय और अनिवार्य होता है।
गूगल: यह वाता वरण को शुद्ध, सुगंधित और पूरी तरह से पवित्र बनाता है।
इन सभी सामग्रियों को एकत्र करके एक मिट्टी के दीये या पात्र में रखें और कपूर अथवा गोबर के उपले की सहायता से इसे प्रज्वलित करें।

आज के पावन दिन पर इस प्रकार की गई धूप-दीप से घर की समस्त नकारात्मकता समाप्त होती है और पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार, जब पूर्वज प्रसन्न होकर अपने लोक लौटते हैं, तो वे अपने वंशजों के जीवन की सभी बाधाओं और रुकावटों को दूर कर देते हैं, जिससे परिवार में खुशहाली और निरंतर तरक्की के नए मार्ग खुलते हैं।