सुप्रिया पाण्डेय, रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर में विकास कार्यों और राशि आवंटन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आज पत्रकार वार्ता कर मौजूदा परिषद पर भेदभाव और अनदेखी के आरोप लगाए हैं. नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि अमृत मिशन योजना के अंतर्गत रायपुर का चयन किया गया था. 8 जनवरी 2026 को मेयर इन काउंसिल की बैठक में 15 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का जिक्र किया गया, जो केंद्र सरकार द्वारा अमृत 2.0 योजना के तहत रायपुर नगर निगम को प्राप्त हुई है. 

आकाश तिवारी ने कहा कि पिछले कांग्रेस कार्यकाल में अमृत मिशन के तहत 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप रायपुर नगर निगम को 15 करोड़ रुपये की राशि अमृत मिशन 2.0 के तहत मिली. वहीं एसटीपी निर्माण कार्य, जो पूर्व परिषद द्वारा कराया गया था, उसके लिए निगम को 8.75 करोड़ रुपये मिलने प्रस्तावित हैं. इसके साथ ही उक्त कार्य के लिए 4 स्टार रैंकिंग भी निगम को प्राप्त हुई है.

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिषद द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य और नाला निर्माण के कार्यों का श्रेय महापौर और उनकी परिषद ले रही है, जबकि ये सभी कार्य पूर्व परिषद की योजनाओं और प्रयासों का परिणाम हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि केवल तीन वार्डों जिसमें महात्मा गांधी वार्ड, बंजारी माता वार्ड और संत कबीर दास वार्ड में 2 करोड़ 34 लाख रुपये के विकास कार्यों की राशि आवंटित की गई है. इसके अलावा रायपुर के शेष 67 वार्डों के लिए किसी भी प्रकार की विकास राशि आवंटित नहीं की गई, जो गंभीर चिंता का विषय है.

आकाश तिवारी ने सवाल उठाया कि क्या इन वार्डों को जानबूझकर विकास से वंचित रखा जा रहा है और क्या वहां की जनता ने कोई गुनाह किया है? उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री द्वारा सभी वार्डों के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक वह राशि प्राप्त नहीं हुई. इस विषय को कई बार संज्ञान में लाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना भी समझ से परे है.

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