भागलपुर। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के खगड़िया सांसद राजेश वर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। भागलपुर में एक बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाने और जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। राजेश वर्मा ने कहा कि विपक्षी नेताओं के इसी गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण भविष्य में ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का सपना पूरा होगा और इसका पूरा श्रेय राहुल गांधी को ही जाएगा।
राहुल गांधी के दावों को बताया बेबुनियाद
सांसद राजेश वर्मा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना तथ्यों के जनता को गुमराह कर रहे हैं। यदि उनके पास अपने आरोपों को सिद्ध करने के लिए कोई प्रामाणिक साक्ष्य हैं, तो उन्हें बयानबाजी करने के बजाय निर्वाचन आयोग के समक्ष हलफनामा दाखिल करना चाहिए।
संविधान और आरक्षण पर विपक्ष का भ्रमजाल
राजेश वर्मा ने कहा कि हालिया लोकसभा चुनावों में विपक्ष ने संविधान बदलने और आरक्षण खत्म होने की झूठी अफवाहें फैलाईं। इस भ्रामक प्रचार का असर विशेषकर दलित समाज पर पड़ा, जिससे उत्तर प्रदेश में एनडीए को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोजपा (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान सामाजिक न्याय और आरक्षण के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। एनडीए का उद्देश्य हर वर्ग को साथ लेकर विकास के पथ पर आगे बढ़ना है।
बिहार मॉडल से मिली सफलता
बिहार में एनडीए के शानदार प्रदर्शन पर बात करते हुए राजेश वर्मा ने कहा कि सभी सहयोगी दलों की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत बनी। एनडीए के घटक दलों के बीच बेहतर तालमेल और साझा रणनीति के बल पर ही 200 से अधिक सीटें हासिल करने का लक्ष्य संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में भी एनडीए के सभी सहयोगी दल पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतरें, तो वहां भी गठबंधन को ऐतिहासिक परिणाम मिल सकते हैं।
यूपी में राजनीतिक जमीन मजबूत करने की तैयारी
लोजपा (रामविलास) अब बिहार के बाहर भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाले ‘नवसंकल्प’ कार्यक्रम को पार्टी के विस्तार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। बिहार में गठबंधन की राजनीति को मजबूती देने के बाद लोजपा (आर) अब यूपी जैसे बड़े राज्यों में संगठन का आधार बढ़ाकर अपनी नई राजनीतिक जमीन तलाश रही है।

