भोपाल। Lok Sabha Election 3rd Phase: लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में आज मध्य प्रदेश की 9 सीटों पर वोटिंग है। आज विदिशा सीट पर भी मतदान है जहां से बीजेपी ने मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को चुनावी मैदान में उतारा है। इस सीट से उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रताप भानु शर्मा से है। दोनों के बीच इस बार की टक्कर इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि 33 साल बाद दोनों प्रत्याशी आमने सामने हैं। साल 1991 में शिवराज सिंह ने प्रताप भानु को हराया था और इस क्षेत्र से फतह हासिल कर इस सीट को बीजेपी के खाते में डाल दिया था। 

भानु शर्मा को हरा चुके हैं शिवराजशिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा का पहला चुनाव 1991 में तब लड़ा था, जब अटल बिहारी वाजपेयी ने विदिशा के साथ लखनऊ से निर्वाचित होने के चलते विदिशा सीट छोड़ी थी। उस चुनाव में चौहान ने कांग्रेस के उम्मीदवार भानु प्रताप शर्मा को शिकस्त दी थी।विदिशा लोकसभा सीट का इतिहास विदिशा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र भारत के मध्य प्रदेश राज्य के 29 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह निर्वाचन क्षेत्र 1967 में अस्तित्व में आया। यह निर्वाचन क्षेत्र रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिले के खातेगांव विधानसभा को भी शामिल करता है। विधानसभा क्षेत्र, भोजपुर, सांची, सिलवानी, विदिशा, बासौदा, बुधनी, इछावर, खातेगांव इस लोकसभा क्षेत्र को 1967 में स्थापित किया गया है।

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विदिशा लोकसभा क्षेत्र को भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां से कांग्रेस इतिहास में केवल दो बार जीत पाई है, जब 1980 में प्रताप भानु शर्मा पहली बार यहां से सांसद चुने गए। इसके बाद 1984 में प्रताप भानु शर्मा दूसरी बार यहां से सांसद चुने गए थे। विदिशा लोकसभा क्षेत्र हिंदू महासभा, जनसंघ से लेकर भाजपा तक हमेशा इस लोक सभा सीट पर कब्जा रहा है।

सबसे ज्यादा यहां से पांच बार शिवराज सिंह चौहान सांसद रहे हैं और एक बार फिर 2024 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रिय यहां काफी देखी जाती है। उनकी खुद की विधानसभा और ग्रह ग्राम भी इसी लोकसभा क्षेत्र में आता है। इसलिए विदिशा को उनका गृह संसदीय क्षेत्र भी कहा जाता है।

1952-1967 : निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में नहीं था
1967 – पंडित शिव शर्मा, भारतीय जनसंघ
1971 – रामनाथ गोयनका, भारतीय जनसंघ
1977 – राघवजी, जनता पार्टी भारतीय जनसंघ
1980 – प्रताप भानु शर्मा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई)
1984 – प्रताप भानु शर्मा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989 – राघव जी, भारतीय जनता पार्टी
1991 – अटल बिहारी वाजपेयी
1991 – शिवराज सिंह चौहान
1996 – शिवराज सिंह चौहान
1998 – शिवराज सिंह चौहान
1999 – शिवराज सिंह चौहान
2004 – शिवराज सिंह चौहान
2006 – रामपाल सिंह
2009 – सुषमा स्वराज
2014 – सुषमा स्वराज
2019 – रमाकांत भार्गव

2019 का परिणाम
2019 भारतीय आम चुनाव : विदिशा
बीजेपी – रमाकांत भा – 853,02268
कांग्रेस – शैलेंद्र पटेल – 3,49,938
बसपा – गीतावली एर. पीएस अहिरवार – 14,4091
आईएनडी – सुधीर कुमार – 5,102
नोटा- इनमे से कोई भी नहीं – 8,619

2014 के नतीजे
2014 भारतीय आम चुनाव : विदिशा
बीजेपी – सुषमा स्वराज – 714,348
कांग्रेस – लक्ष्मण सिंह – 3,03,650
जीजीपी – कमलेश सलाम – 10,8241
बसपा – अमर सिंह पटेल – 9,699
आईएनडी – चंद्रेश सिंह – 5,359
नोटा – इनमे से कोई भी नहीं – 10,618
2004 के परिणाम जब शिवराज सिंह चौहान पांचवीं बार जीते
बीजेपी – शिवराज सिंह चौहान – 428,030
कांग्रेस – नर्बदा प्रसाद शर्मा 0 1,67,304
सपा – चौ. मुनव्वर सलीम – 21,543
बसपा – खुमान सिंह कुशवाह – 15,638
आईएनडी – मोहन बाबू शर्मा – 10,876
जीजीपी – राजेश कुमार पांडे – 8,280
आईएनडी – अब्दुल जब्बार – 4,893

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