Dharm Desk – बच्चा देर से बोलना शुरू करे या बोलते समय शब्दों का उच्चारण साफ न कर पाए, तो माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है । कई बच्चों में उम्र बढ़ने के साथ तुतलाने या हकलाने की समस्या भी दिखाई देने लगती है। ऐसे ही बच्चों को लेकर गुजरात के सूरत में स्थित जूना हनुमान मंदिर से जुड़ी एक अनोखी मान्यता काफी प्रसिद्ध है, कहा जाता है कि यहां हनुमानजी को चढ़ाया गया गुड़ प्रसाद के रूप में बच्चों को खिलाने से उनकी वाणी से जुड़ी परेशानी धीरे-धीरे दूर होने लगती है।

इसी विश्वास के चलते रोजाना बड़ी संख्या में माता-पिता अपने बच्चों को लेकर इस मंदिर में पहुंचते हैं। मंदिर में स्थापित पवनपुत्र हनुमान की भव्य प्रतिमा के मुख पर नियमित रूप से गुड़ चढ़ाया जाता है और फिर इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है । श्रद्धालुओं का मानना है कि बजरंगबली के दर्शन और इस प्रसाद से कई बच्चों को बोलने में सुधार का अनुभव हुआ है।
मंदिर की खासियत और धार्मिक मान्यताएं
इस प्राचीन मंदिर में भक्त बजरंग बली के श्रीमुख पर शुद्ध गुड़ का लेपन और अर्पण करते हैं।जिसे बाद में भक्तों में महा प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।
1.वाणी में स्पष्टता और मधुरता के लिए
पौराणिक व स्थानीय विश्वास के अनुसार हकलाने, तुत लाने या बिल्कुल न बोल पाने वाले बच्चों को यह दिव्य प्रसाद खिलाने से उनकी वाणी साफ और सुरीली होने लगती है।
2.भक्तों की गहरी आस्था
देश के हर कोने से माता-पिता अपने बच्चों की वाणी संबंधी समस्याओं के स्थाई समाधान और बजरंगबली का आशीर्वाद पाने के लिए यहा विशेष रूप से आते हैं।
3.प्रसाद का औषधीय स्वरूप
भक्तों के लिए बजरंग बली का यह प्रसाद केवल खाने की चीज नहीं बल्कि निष्ठा और भक्ति से भरी एक अचूक संजीवनी के समान कार्य करता है।

