लखनऊ. राजधानी में आज सोमवार 26 अक्टूबर को दिनदहाड़े तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता में हुई. मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी, उनके बेटे सुयश तिवारी और भाई शंभू तिवारी के रूप में हुई है. शिवाजी तिवारी सचिवालय से रिटायर थे, जबकि सुयश इलेक्ट्रिक सामान का कारोबार करते थे. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनवाने को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद हुआ था. इसी दौरान फायरिंग की गई.
चबूतरा बनवाने को लेकर था विवाद
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शिवाजी तिवारी का परिवार घर के पास बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनवाना चाहता था. पड़ोस में रहने वाला शुक्ला परिवार इसका विरोध कर रहा था. इस बात को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था. बताया जा रहा है कि मामला पुलिस तक भी पहुंचा था. उस समय दोनों पक्ष शांत हो गए थे, लेकिन तनाव बना हुआ था.
कहासुनी के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग
सोमवार को चबूतरा बनवाने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों में फिर विवाद हो गया. शुरुआत गाली-गलौज से हुई. इसके बाद मारपीट होने लगी. आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गोली लगने से शिवाजी तिवारी और उनके बेटे सुयश की मौके पर ही मौत हो गई. शंभू तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए.
अस्पताल में शंभू तिवारी ने तोड़ा दम
घायल शंभू तिवारी को परिजन ई-रिक्शा से अस्पताल लेकर पहुंचे. उन्हें इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी भी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा.
आरोपी पुलिस हिरासत में, जांच जारी
डीसीपी वेस्ट जितेंद्र ने बताया कि चबूतरे को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था. उन्होंने कहा कि आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. दिनदहाड़े एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस विवाद की पूरी वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

