मधुबनी। सिसबार गांव में एक तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की अकाल मृत्यु हो गई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना फुलपरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिसबार गांव की है। लौकहा वार्ड संख्या नौ के रहने वाले मो. मजीबुल अपनी आजीविका चलाने और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दुर्गापूजा मेले में मनिहारा (सौंदर्य प्रसाधन और चूड़ी आदि) की दुकान लगाते थे।
इस बार भी मेले में उनकी दुकान लगी हुई थी। उनके दोनों मासूम बेटे 14 वर्षीय मो. मुर्तुज और 11 वर्षीय मो. मुख्तार अपने पिता के कार्य में हाथ बंटाने और उनकी मदद करने के लिए दुकान पर ही मौजूद रहते थे। पर्व के माहौल और मेले की भीड़भाड़ के बीच दोनों भाई अपने पिता के साथ काम में व्यस्त थे, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी और व्यस्तता कुछ ही पलों में मातम में बदल जाएगी।
शौच के लिए गए थे दोनों भाई
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि मंगलवार के दिन दोनों भाई दुकान से कुछ देर के लिए शौच के वास्ते बाहर निकले थे। काफी लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब दोनों भाई वापस नहीं लौटे, तो पिता मो. मजीबुल को चिंता सताने लगी।
शक होने पर उन्होंने अपने दोनों बेटों की आसपास तलाश शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान जब वे गांव के एक तालाब के पास पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने दोनों भाइयों को तालाब के पानी में डूबते हुए देखा। यह नजारा देख पिता की चीख निकल पड़ी।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
बेटों को डूबता देख पिता ने आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को किसी तरह तालाब के पानी से बाहर निकाला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वे तुरंत दोनों भाइयों को लेकर इलाज के लिए खुटौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की तरफ भागे।
लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। खुटौना सीएचसी पहुंचते ही वहां मौजूद चिकित्सकों ने दोनों भाइयों के स्वास्थ्य की गहन जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से जैसे ही दोनों मासूमों के निधन की खबर उनके घर पहुंची, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस अप्रत्याशित घटना के बाद से पूरे सिसबार गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।

