Mahavir Jayanti 2026 : जैन पंचांग के अनुसार, 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हुआ था. इस लिए यह पर्व हर साल इसी तिथि पर मनाया जाता है. बात तिथि की करें तो त्रयोदशी तिथि 30 मार्च को सुबह 7 बजकर 09 बजे शुरू होगी. यह 31 मार्च को सुबह 6 बजकर 56 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार महावीर जयंती 31 मार्च, दिन मंगलवार को ज्यादातर लोग मानने वाले हैं. कुछ लोग 30 मार्च को भी इसे मना रहे हैं, लेकिन जैन परंपरा में 31 मार्च को ही मुख्य माना गया है.

महावीर जयंती का महत्व

महावीर जयंती केवल जन्म दिवस नहीं है. जीवन से जुड़ी सीट देने वाला दिन है. भगवान महावीर ने अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य और अचौर्य का मार्ग बताया. उन्होंने कहा कि सच्चा सुख बाहर की चीजों में नहीं है. यह अपने मन और कर्मों को नियंत्रित करने में है. उनका संदेश जीओ और जीने दो आज भी लोगों को प्रेरित करता है. इस दिन जैन समाज पूजा पाठ करता है. लोग ध्यान करते हैं. दान भी करते हैं. जीवों की रक्षा का संकल्प लिया जाता है.

भगवान महावीर के अनमोल वचन

महावीर स्वामी ने कहा कि दुख का कारण इंसान खुद होता है. अपनी गलतियों को सुधारना जरूरी है. उन्होंने अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म माना है. हर जीव के प्रति दया रखनी चाहिए. क्रोध और नफरत से ही नुकसान होता है. उनके अनुसार असली शत्रु बाहर नहीं होते. ये हमारे अंदर होते हैं. जैसे लालच, घमंड, क्रोध और द्वेष. इन पर जीत पाना ही सच्ची जीत है.