प्रदीप मालवीय, उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की तराना कृषि उपज मंडी के अंतर्गत आने वाली माकड़ोन उपमंडी में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त टीम ने उपमंडी में पदस्थ उपनिरीक्षक और एक सहायक कर्मचारी को 4 हजार रुपये की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। इस कार्रवाई के बाद मंडी परिसर और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
माल बाहर निकालने के एवज में अवैध वसूली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित फरियादी योगेश राठौर ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि माकड़ोन उपमंडी में माल बाहर निकालने के एवज में मंडी कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है। आरोप है कि मंडी से बिना सरकारी टैक्स के माल बाहर निकालने के नाम पर प्रति बोरी 10 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। लगातार हो रही अवैध मांग और प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत लोकायुक्त उज्जैन इकाई से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की और उपमंडी के उपनिरीक्षक रोशन आर्य तथा सहायक कर्मचारी संतोष भाटी को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
मंडी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
माल निकासी के बदले प्रति बोरी तयशुदा वसूली के इन गंभीर आरोपों ने कृषि उपज मंडी की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल है।
फरियादी- वसूली से तंग आ गया था
लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक दीपक शेजवार और लोकायुक्त टीम के अन्य कर्मचारी शामिल रहे। पुलिस टीम मामले में आगे की वैधानिक और विस्तृत जांच कर रही है। योगेश राठौर फरियादी ने बताया कि अवैध वसूली से तंग आकर उसने लोकायुक्त में न्याय की गुहार लगाई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।
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