हेमंत शर्मा, इंदौर। स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट व्यवस्था पर बड़ा प्रशासनिक प्रहार हुआ है। इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने 16 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर अटैचमेंट पर दूसरी जगह काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने के निर्देश दिए हैं। विभागीय आदेश के मुताबिक, इस कार्रवाई के दायरे में करीब 175 डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी बताए जा रहे हैं।इस आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब तक मूल पदस्थापना से अलग दूसरी जगह काम कर रहे कर्मचारियों को अपनी मूल तैनाती पर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। आदेश में साफ चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

भोपाल की बैठकों के बाद इंदौर में कार्रवाई

CMHO के आदेश में भोपाल में 14 और 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित बैठकों तथा 16 अक्टूबर को मुख्यालय स्तर से मिले निर्देशों का हवाला दिया गया है। इसके बाद अटैचमेंट समाप्त करने और संबंधित कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना पर कार्यभार संभालने के निर्देश जारी किए गए।आदेश सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, खंड चिकित्सा अधिकारियों, विभिन्न अस्पतालों के प्रभारियों और शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं से जुड़े अधिकारियों को भेजा गया है। देपालपुर, मानपुर, सांवेर, हातोद और महू सहित विभिन्न क्षेत्रों की स्वास्थ्य संस्थाओं को भी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

मूल जगह जॉइनिंग नहीं तो अक्टूबर के वेतन पर असर

इस आदेश का सबसे अहम पहलू वेतन से जुड़ा निर्देश है। आदेश के अनुसार, अटैचमेंट पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को अपनी मूल पदस्थापना पर उपस्थित होना होगा। इसके बाद ही अक्टूबर 2026 के वेतन आहरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।यानी अब केवल अटैचमेंट खत्म होने का आदेश जारी होना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित कर्मचारियों की मूल पदस्थापना पर उपस्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट व्यवस्था पर उठेंगे सवाल?

इस आदेश के बाद एक बड़ा सवाल यह भी है कि इतने कर्मचारियों को मूल पदस्थापना से अलग क्यों रखा गया था और उनकी तैनाती की समीक्षा किस आधार पर की जाएगी। हालांकि, उपलब्ध आदेश में अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन प्रत्येक कर्मचारी को अटैच करने के कारणों या अलग-अलग मामलों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।अब यह देखना अहम होगा कि आदेश लागू होने के बाद अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता पर क्या असर पड़ता है। जिन संस्थानों से कर्मचारी दूसरी जगह अटैच थे, वहां उनकी वापसी से व्यवस्था में बदलाव हो सकता है, जबकि जिन जगहों पर वे अभी काम कर रहे थे, वहां भी नए सिरे से जिम्मेदारियां तय करनी पड़ सकती हैं।

अब निगरानी की बारी

CMHO डॉ. माधव हसानी के आदेश ने स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट व्यवस्था की समीक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को केंद्र में ला दिया है। करीब 175 डॉक्टरों-कर्मचारियों के अटैचमेंट खत्म होने की जानकारी के बीच अब असली परीक्षा आदेश के पालन की होगी।क्या सभी संबंधित कर्मचारी तत्काल अपनी मूल पदस्थापना पर लौटेंगे? क्या स्वास्थ्य संस्थानों में कामकाज की व्यवस्था प्रभावित होगी? और क्या विभाग अटैचमेंट की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा भी करेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।

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