वाराणसी। वाराणसी कफ सिरप मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कफ सिरप केस के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के करीबी और समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल के भतीजे वैभव जायसवाल और उसकी मां-पत्नी को अरेस्ट किया है। पुलिस के मुताबिक ये महिलाएं हवाला के जरिए पैसों की हेराफेरी कर रही थी।
वैभव जायसवाल की मां और पत्नी अरेस्ट
बताया जा रहा है कि इन महिलाओं के नाम पर कोडीन कफ सिरप से आनी वाली कमाई से शराब ठेके खोले गए थे। पुलिस ने इन्हे देर रात न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने रिमांड के लिए पेश किया था लेकिन न्यायालय ने महिलाओं को रिहा कर दिया। पुलिस को महिलाओं की रिमांड नहीं मिली है। केस में पहली बार महिलाओं की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला आरोपियों के खिलाफ पुलिस की जांच अब भी जारी है, और उन्हें शराब ठेकों के नाम पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
READ MORE: अवैध कफ सिरप तस्करी का मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल भगोड़ा घोषित, गिरफ्तार या सरेंडर नहीं होने पर कुर्क की जाएगी संपत्ति
क्या है पूरा मामला
बता दें कि 15 नवंबर 2025 को औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने वाराणसी के प्रह्लादघाट मोहल्ला कायस्थान निवासी शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत 28 लोगों के खिलाफ कफ सिरप के गैर चिकित्सकीय उपयोग के लिए NDPS एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान नाम साने आने पर पुलिस शुभम के पिता भोलानाथ जायसवाल समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। दुबई में छिपे शुभम जायसवाल को पुलिस अब तक नहीं पकड़ पाई है।
मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल ने इस अवैध कारोबार से 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। हर शीशी पर 500 रुपये का मुनाफा लिया गया है। आरोपी ने 2.24 करोड़ शीशीयां बांग्लादेश भेजी थी। एक शीशी की खरीद 100 से 120 रुपये थी। आरोपियों ने अवैध बिक्री से कुल 1,100 करोड़ की आमदनी की। बीते जनवरी महीने में इस केस की छानबीन के दौरान पता चला था कि आरोपी शुभम जायसवाल ने दवा कंपनी को 300 करोड़ का भुगतान किया था। कंपनी से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ जांच पड़ताल चल रही है।
READ MORE: ‘खरगे और राहुल कांग्रेस को खुद निगल रहे…’, केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान, कहा- राहुल की नेतागीरी में कांग्रेस अगले महीने शतकीय हार का रिकॉर्ड बनाएगी
शुभम ने अपनी 800 करोड़ रुपये की कमाई में अपने साथियों को भी हिस्सेदार बनाया था. यह अवैध कारोबार एक सिंडीकेट के जरिए चलाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में इस पूरे अवैध धंधे का खुलासा हुआ था। आरोपी के पिता ने रांची में मेसर्स शैली ट्रेडर्स नामक दवा फर्म खोली थी, जिससे ये अवैध कारोबार चलाया गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने झारखंड के अधिकारियों की मदद से इस मामले का पर्दाफाश किया था। उसके बाद शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और बीएसएफ ने भी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश भेजी जा रही सिरप की खेप को सीमा पर पकड़ लिया, जिससे इस सिंडीकेट के अन्य सदस्य भी सामने आए।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें

