हर्षराज गुप्ता, खरगोन। इंदौर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने खरगोन में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी ने पीड़ित से उसकी पत्नी के नाम दर्ज कृषि भूमि के नामांतरण (म्यूटेशन) के बदले 2 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी। इस कार्रवाई के बाद से जिले के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
2 लाख की रिश्वत की हुई थी मांग
लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पुनीत नाडीवाल (निवासी बड़ी कसरावद) ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। पुनीत की पत्नी के नाम से स्थित कृषि भूमि का नामांतरण करने के बदले पटवारी खुम सिंह धारवे द्वारा 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत की सत्यता की जांच और सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप का जाल बिछाया।
मेडिकल दुकान के पास बिछाया गया जाल
बीती देर रात लोकायुक्त टीम के निर्देशानुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी खुम सिंह धारवे को 20 हजार रुपये की पहली किश्त सौंपी, पास में घात लगाकर बैठी टीम ने शारदा हॉस्पिटल के सामने स्थित पाटीदार मेडिकल के पास उसे रंगे हाथ धर दबोचा।
तहसीलदार और दूसरे पटवारी का नाम भी शामिल
लोकायुक्त की इस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिश्वत के इस खेल में केवल एक पटवारी ही नहीं, बल्कि तहसीलदार अंतरसिंह कनेश और एक अन्य पटवारी कुलदीप यादव की भूमिका भी सामने आई है।लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी खुम सिंह धारवे, पटवारी कुलदीप यादव और तहसीलदार अंतरसिंह कनेश- तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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