प्रमोद कुमार, कैमूर। ​बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में कैमूर जिले की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के नुआंव और कुढ़नी थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर करीब 20 लाख रुपये मूल्य की 2075 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब तस्करी में इस्तेमाल हो रहे एक पिकअप और एक टाटा मैजिक वाहन को भी जब्त किया है, साथ ही एक कुख्यात तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

नुआंव थाना क्षेत्र में पुलिस की दबिश

घटना की शुरुआत बीती रात लगभग 11 बजे हुई, जब नुआंव थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक सफेद रंग के पिकअप वाहन से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बिहार में खपाने के लिए लाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर पिकअप चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। हालांकि, जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो उसमें से कुल 1059 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस अब फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है।

टाटा मैजिक के साथ चालक गिरफ्तार

​दूसरी ओर, कुढ़नी थाना क्षेत्र की पुलिस को भी गुप्त सूचना मिली थी कि नुआंव के रास्ते एक टाटा मैजिक वाहन से शराब की खेप नहर के रास्ते ले जाई जा रही है। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बताए गए रास्ते पर जाल बिछाया और टाटा मैजिक को धर दबोचा। वाहन की तलाशी लेने पर उसके अंदर से 1015 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई।
​इस मामले में पुलिस ने मौके से वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जय प्रकाश के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रेवतीपुर का रहने वाला है।

​डीएसपी ने दी जानकारी

​मोहनिया डीएसपी गोपाल कृष्ण ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए प्रेस को बताया कि मोहनिया अनुमंडल क्षेत्र के नुआंव और कुढ़नी थानों ने संयुक्त रूप से यह सफल अभियान चलाया है। उन्होंने बताया कि दोनों वाहनों (पिकअप और टाटा मैजिक) से कुल 2075 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये है।
​प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह शराब उत्तर प्रदेश से लाकर बिहार के विभिन्न इलाकों में सप्लाई की जानी थी। कैमूर जिला उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा होने के कारण अक्सर शराब तस्करों के लिए एक आसान और सुरक्षित रास्ता (सेफ जोन) माना जाता है। तस्कर अक्सर यूपी से शराब की बड़ी खेप लेकर बिहार में घुसने की कोशिश करते हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से कई बार इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया जाता है, लेकिन तस्कर नए तरीकों से इस अवैध कारोबार को जारी रखने की कोशिश करते हैं। फिलहाल, फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।