रवि गोयल, सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के धान खरीदी केंद्र में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। भौतिक सत्यापन के दौरान केंद्र से करीब 3200 क्विंटल धान गायब मिला, जिसकी कीमत लगभग 99 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। जानकारी के मुताबिक धान की भारी कमी को छिपाने के लिए देर रात धान की बोरियों में मिट्टी और कंकड़ मिलाए जा रहे थे। जांच में एक-एक बोरी में 5 से 10 किलो तक मिट्टी-कंकड़ मिले हैं। पूरा मामला डभरा क्षेत्र के पुटीडीह धान खरीदी केंद्र का है।

आधी रात जिला नोडल अधिकारी वासू जैन के नेतृत्व में टीम ने धान खरीदी केंद्र में अचानक दबिश दी, जहां मौके पर यह गंभीर गड़बड़ी पकड़ी गई। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया और मिट्टी-कंकड़ मिले धान को जब्त किया। इस घटना के बाद धान खरीदी केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

दोषी के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी : नोडल अधिकारी

इस मामले में नोडल अधिकारी वासू जैन ने कहा, धान सार्टेज की शिकायत पर डभरा क्षेत्र के पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में देर रात दबिश दी गई। अधिकतर बोरियों में 30 किलो धान और 10 किलो मिट्‌टी-कंकड़ पाया गया। यहां के धान खरीदी प्रभारी को तुरंत हटा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। वहीं किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए नए प्रभारी की नियुक्ति की गई है।

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