दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए लोगों को राहत देने के लिए चुनाव आयोग 25 अक्टूबर को राजधानी के सभी 14,947 मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाने जा रहा है। इन शिविरों का उद्देश्य मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के इच्छुक पात्र नागरिकों को पंजीकरण का अवसर देना है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह पहल ड्राफ्ट मतदाता सूची से छूटे लोगों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के प्रयासों का हिस्सा है। SIR प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा 30 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। ऐसे में विशेष शिविरों के जरिए लोगों को निर्धारित समय के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चिह्नित 33 लाख से अधिक मामलों में से करीब 29.5 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। कार्यालय के मुताबिक, अब तक लगभग 80 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया जा चुका है। जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र मतदाताओं को SIR के पूरा होने पर जारी की जाने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

दो श्रेणियों में चिह्नित किए गए थे मामले

CEO कार्यालय के अनुसार, इन मामलों में ‘अनमैप्ड’ मतदाता और ‘लॉजिकल विसंगतियों’ के कारण चिह्नित किए गए मतदाता शामिल हैं।

अनमैप्ड मतदाता: ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता के नाम का 2002 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया।

लॉजिकल विसंगतियां: ऐसे मामले जिनमें मतदाता सूची के विवरण में तार्किक त्रुटियां या असंगतियां पाई गईं।

इन मामलों की जांच और समाधान के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है। निर्वाचन अधिकारी के बयान के मुताबिक, कुल 33 लाख से अधिक चिह्नित मामलों में से करीब 29.5 लाख का समाधान किया जा चुका है। यह कुल मामलों का लगभग 80 प्रतिशत है। शेष मामलों पर प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जानी है।

घर-घर जाकर दस्तावेज जुटा रहे BLO

पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान BLO उन मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं, जिनका विवरण पिछली मतदाता सूची से मेल नहीं खा पाया है या जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं। अधिकारी ऐसे पात्र मतदाताओं की पहचान भी कर रहे हैं, जिनके नाम प्री-SIR मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके। इन मतदाताओं को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने में सहायता दी जा रही है। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सभी 14,947 मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर

मतदाता सूची में नाम जोड़ने और विवरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए दिल्ली के सभी 14,947 मतदान केंद्रों पर रविवार को विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 20 सितंबर से 18 अक्टूबर के बीच छह रविवारों को भी इन मतदान केंद्रों पर शिविर लगाए गए थे। ये शिविर विशेष पंजीकरण अभियान का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य मतदाताओं को आवेदन, दस्तावेजों के सत्यापन और सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में सहायता देना है।

ड्राफ्ट सूची से 47 लाख से अधिक नाम हटने पर उठे सवाल

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी। इस सूची से 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंताएं और विरोध सामने आए थे। इसके बाद पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता रिकॉर्ड में विसंगतियों को दूर करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।

मतदाताओं के पास पंजीकरण का आखिरी मौका

CEO कार्यालय ने बताया कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से नए पंजीकरण के लिए ‘फॉर्म 6’ के कुल 2,50,754 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा, ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने से पहले भी 2,12,400 आवेदन प्राप्त हुए थे। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी और मतदाताओं को 30 अक्टूबर तक अपना नाम शामिल कराने के लिए दावे पेश करने या आपत्तियां दर्ज कराने का वक्त दिया गया था। चुनाव अधिकारी 30 नवंबर तक इन आवेदनों पर फैसला ले लेंगे।

मुश्किल आने पर इन लोगों से संपर्क कर सकते हैं

आयोग की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जिन लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए मदद चाहिए, वे हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, वे जिला चुनाव कार्यालयों या इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के कार्यालयों में बने हेल्प डेस्क पर भी जा सकते हैं।

अलग-अलग वर्ग के लोगों के लिए भी चलाए अभियान

आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं को मतदाता के रूप में पंजीकृत करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में अलग से अभियान चलाए गए। इसके अलावा, बेघर लोगों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और सेक्स वर्करों तक पहुंचने के लिए लगभग 200 रैन बसेरों और ऐसी ही अन्य जगहों पर भी अभियान चलाए गए। साथ ही बेला एस्टेट, जेलर वाला बाग, नरेला, बवाना, मंगोलपुरी और वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र जैसे उन इलाकों में भी विशेष शिविर लगाए गए, जहां हाल ही में बस्तियां तोड़ी गई थीं, ताकि प्रभावित निवासी चुनावी सेवाओं का लाभ उठा सकें।

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