Lifestyle Desk:- गणपति उत्सव के दौरान बप्पा को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। आमतौर पर घरों में चावल या गेहूं के आटे से मोदक बनाए जाते हैं, लेकिन अगर इस बार कुछ अलग बनाना चाहते हैं तो बूंदी मोदक ट्राई कर सकते हैं। बूंदी की दानेदार बनावट और चाशनी की मिठास इसे खास बनाती है। इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है।अगर आप भी गणपति बप्पा के लिए स्पेशल बूंदी मोदक बनाना चाहते हैं, तो यहां जानिए इसकी सामग्री और आसान रेसिपी।
सामग्री
बूंदी के लिए
बेसन – 1 कप
पानी – जरूरत के अनुसार
बेकिंग सोडा – 1 चुटकी
तेल या घी – तलने के लिए
चाशनी के लिए
चीनी – 1 कप
पानी – करीब ½ कप
इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
केसर – 5-6 धागे, वैकल्पिक

सजाने के लिए
कटे हुए काजू – 1 बड़ा चम्मच
कटे हुए बादाम – 1 बड़ा चम्मच
पिस्ता – 1 बड़ा चम्मच
सूखा नारियल – 1 बड़ा चम्मच, वैकल्पिक
विधि
1-एक बड़े बर्तन में 1 कप बेसन लें। इसमें एक चुटकी बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए चिकना घोल तैयार करें।
2-घोल न बहुत गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला। इसकी कंसिस्टेंसी ऐसी हो कि झारे से गिराने पर बेसन आसानी से बूंदों के रूप में तेल में गिरे।
3-बूंदी को फूली-फूली बनाने की ट्रिक: घोल को करीब 2-3 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें। इससे घोल में थोड़ी हवा शामिल होगी और बूंदी की बनावट बेहतर हो सकती है। बेकिंग सोडा की मात्रा बहुत कम रखें।
4-कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। तेल मध्यम गर्म होना चाहिए। अब बूंदी वाले झारे को कड़ाही के ऊपर रखें और उस पर थोड़ा बेसन का घोल डालें। झारे को हल्के हाथ से थपथपाएं, ताकि छोटी-छोटी बूंदें तेल में गिरें।
5-बूंदी को ज्यादा देर तक न तलें। हल्की सुनहरी होने पर इसे निकालकर एक प्लेट में रख लें। इसी तरह पूरा घोल इस्तेमाल करके बूंदी तैयार कर लें।
6-अब एक पैन में 1 कप चीनी और करीब आधा कप पानी डालें। इसे मध्यम आंच पर पकाएं। चाशनी बहुत ज्यादा गाढ़ी नहीं होनी चाहिए। इसमें इलायची पाउडर और केसर डालकर मिला दें।
7-चाशनी तैयार होने के बाद गैस धीमी कर दें और इसमें तली हुई बूंदी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। कुछ मिनट तक बूंदी को चाशनी सोखने दें।
8-जब बूंदी हल्की गर्म और चिपचिपी हो, तब इसे मोदक के सांचे में भरें। ऊपर से हल्के हाथ से दबाएं ताकि बूंदी आपस में सेट हो जाए। इसके बाद सांचे को खोलकर मोदक बाहर निकाल लें।
9-अगर मोदक का सांचा नहीं है तो हाथों की मदद से भी बूंदी को मोदक का आकार दिया जा सकता है। ऊपर से काजू, बादाम, पिस्ता और सूखे नारियल से सजाएं।
बूंदी मोदक बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
1-बूंदी का घोल सही होना इस रेसिपी की सबसे जरूरी कड़ी है। घोल बहुत पतला होगा तो बूंदी का आकार बिगड़ सकता है और ज्यादा गाढ़ा होगा तो बूंदी अच्छी तरह झारे से नहीं गिरेगी। तेल बहुत तेज गर्म न करें, वरना बूंदी बाहर से जल्दी ब्राउन हो सकती है।
2-चाशनी को भी बहुत गाढ़ा न करें। बूंदी को चाशनी में डालने के बाद ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना मोदक बहुत सख्त हो सकते हैं।
इस तरह घर पर आसानी से स्वादिष्ट बूंदी मोदक तैयार किए जा सकते हैं। गणपति बप्पा को भोग लगाने के लिए यह पारंपरिक मोदक से कुछ अलग और खास विकल्प हो सकता है।



