बलवंत भट्ट, मंदसौर। मंदसौर पुलिस ने देशव्यापी साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक खतरनाक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान के जयपुर और बिहार के अरवल जिले में दबिश देकर मुख्य सरगना समेत कुल 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर 100 से ज्यादा साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में ही 11 करोड़ रुपये से अधिक के ऑनलाइन फ्रॉड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
युवती को NRI बनकर फंसाया, साढ़े 7 लाख की ठगी से खुला राज
पूरे मामले की शुरुआत एक पीड़िता की शिकायत से हुई, जिसे गिरोह ने मेट्रिमोनियल साइट के जरिए अपना शिकार बनाया था। आरोपी ने खुद को NRI बताकर युवती से दोस्ती की और शादी का झांसा दिया। इसके बाद युवती को महंगे विदेशी गिफ्ट भेजने का लालच दिया गया। फिर कस्टम ड्यूटी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पीड़िता से अलग-अलग किस्तों में साढ़े 7 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने पुलिस का रुख किया, तो जांच की परतें खुलती चली गईं।
150 से ज्यादा म्यूल बैंक अकाउंट्स, खाता फ्रीज होते ही नष्ट कर देते थे सबूत
जांच में सामने आया कि गिरोह ठगी की रकम को फर्जी नाम-पते पर खोले गए म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर करवाता था और तुरंत कैश निकाल लेता था। इस गिरोह ने 150 से अधिक फर्जी बैंक खातों और मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। शातिर अपराधी इतने चालाक थे कि जैसे ही कोई बैंक खाता पुलिस द्वारा फ्रीज किया जाता, वे उससे जुड़े मोबाइल, सिम, एटीएम और पासबुक को जलाकर या तोड़कर नष्ट कर देते थे।

22 एंड्रॉयड फोन, 30 सिम बरामद; 8 लाख रुपये कराए गए फ्रीज
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 22 एंड्रॉयड मोबाइल, 30 मोबाइल सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा विभिन्न फर्जी बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि को पुलिस ने तत्काल प्रभाव से फ्रीज करा दिया है। मंदसौर पुलिस के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह फ्रीज की गई राशि पीड़िता को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।

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