अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। सदर प्रखंड सासाराम के ग्राम पंचायत करसेरुआ में मनरेगा योजना के तहत संचालित चार योजनाओं में सरकारी राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना किसी भौतिक कार्य के ही लाखों रुपये की निकासी कर ली गई। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

कागजों में पूरा भुगतान

ग्रामीण धर्मेद्र पासवान ने जिलाधिकारी उदिता सिंह, उप विकास आयुक्त विजय कुमार पांडे और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को आवेदन देकर बताया कि पंचायत में मिट्टी भराई की चार अलग-अलग योजनाएं दर्शाई गई हैं। जबकि मौके पर एक टोकरी मिट्टी भी नहीं डाली गई है। इसके बावजूद मास्टर रोल बनाकर मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

हाजिरी में भी फर्जीवाड़े का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि मास्टर रोल में पंचायत के जॉब कार्ड धारकों के नाम दर्ज हैं, लेकिन कार्यस्थल पर उनकी जगह बाहरी लोगों को खड़ा कर फोटो खिंचवाई जाती है, ताकि हाजिरी को सही दिखाया जा सके।

जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की स्थल जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना में इस तरह का भ्रष्टाचार गरीबों के हक पर डाका है।