सुधीर दंडोतिया, भोपाल। सागर जिले के मानसिंह पटेल की गुमशुदगी के मामले में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय ने SIT की खात्मा रिपोर्ट में हस्तक्षेप किए जाने से इनकार कर दिया है। साथ ही इस मामले की सीबीआई जांच से भी इनकार कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को निर्देशित किया है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला सागर की कोर्ट में प्रचलित खात्मा/खारिजी प्रकरण में ही अपनी बात रखें।
सुप्रीम कोर्ट मेंअलग-अलग याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं ने एस आई.टी के गठन और एस.आई.टी. की प्रस्तुत खात्मा रिपोर्ट पर आपत्ति करते हुए मामले में सी. बी.आई. जांच की मांग की थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में अपने याचिकाओं के साथ एस.आई.टी रिपोर्ट को भी पेश किया था। लेकिन कोर्ट ने एस. आई.टी. के गठन और उसकी जांच में हस्तक्षेप करने से और जांच को दोबारा सीबीआई से करवाने पर पूरी तरह से इंकार कर दिया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, वरिष्ठ अधिवक्ता तनवीर अहमद, वरिष्ठ अधिवक्ता एस.जी. हसनेन एवं वरिष्ठ अधिवक्ता एम.सी. ढीगरा ने पक्ष रखा था। वहीं शासन की ओर से के.एम. नटराज अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल ने पक्ष रखा था।
बता दें कि सागर निवासी विनय मलैया और राजकुमार सिंह ने याचिका दायर की थी। इस मामले में सागर की सी जे एम कोर्ट में गुमशुदा मानसिंह के बेटे सीताराम ने पहले ही विनय मलैया और राजकुमार सिंह को मामले को जबरदस्ती तूल देने और झूठी शिकायत के लिए दोषी ठहराया है।
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