कुंदन कुमार, मसौढ़ी, पटना। विजयादशमी के पावन अवसर पर पटना जिले के मसौढ़ी स्थित ऐतिहासिक गांधी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम के बाद अचानक भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मैदान से बाहर निकलने की होड़ में मुख्य प्रवेश द्वार पर कुछ महिलाएं गिर गईं, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में चार महिलाएं बेहोश होकर घायल हो गईं। हालांकि, प्रशासनिक तत्परता और स्थानीय कार्यकर्ताओं की सूझबूझ से स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया।

​रावण दहन के बाद बाहर निकलने की मची होड़

​मसौढ़ी के SDPO-1 राघव दयाल से मिली जानकारी के अनुसार, विजयादशमी पर मसौढ़ी के गांधी मैदान में स्थानीय समिति की तरफ से भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम को देखने के लिए मैदान में करीब 15 से 20 हजार की संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग जुटे हुए थे। जैसे ही रावण दहन का कार्यक्रम समाप्त हुआ, मैदान में मौजूद भारी भीड़ एक साथ बाहर निकलने के लिए तीनों गेटों की ओर दौड़ पड़ी। इसी दौरान मुख्य प्रवेश द्वार के पास अचानक कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं। उनके गिरने के बाद पीछे से आ रही बेकाबू भीड़ के कारण वहां अफरा-तफरी फैल गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसकी चपेट में आकर चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।

​पुलिस और समिति के कार्यकर्ताओं ने संभाला मोर्चा

​घटना के तुरंत बाद मौके पर तैनात पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और स्थानीय पूजा समिति के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए महिलाओं को घनी भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सभी चारों घायल महिलाओं को तत्परता दिखाते हुए इलाज के लिए नजदीकी मसौढ़ी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच और प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति सामान्य होने पर तीन महिलाओं को घर भेज दिया। वहीं, एक अन्य महिला रेणु देवी की हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया। पुलिस के अनुसार, रेणु देवी का इलाज PMCH में जारी है और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।

​तीन स्तरों पर की गई थी सुरक्षा व्यवस्था

​इस घटना के संबंध में मसौढ़ी के SDPO-1 राघव दयाल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की तरफ से भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम स्थल पर कुल तीन स्तरों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा मैदान के तीनों प्रवेश द्वारों पर भी विशेष रूप से पुलिस पदाधिकारियों और मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। SDPO ने बताया कि हालांकि रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ था, लेकिन बाहर निकलने के दौरान अचानक बनी इस स्थिति में चार महिलाएं घायल हो गईं, जिनमें से तीन को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है और रेणु देवी PMCH में उपचाराधीन हैं।