Dharm Desk- Masik Shivratri 2026 : ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व बताया जाता है. लेकिन इन सब में ज्येष्ठ महीने की शिवरात्रि को अत्यंत फलदायी माना है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है. मासिक शिवरात्रि के दिन निशिता काल यानी मध्य रात्रि में भगवान शिव का ध्यान और पूजन और अभिषेक करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते है. भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते है.

इस दिन व्रत करने से मिलता है मनचाहा जीवन साथी

अविवाहित युवक-युवतियां सच्चे मन से इस व्रत को रखते हैं, उन्हें मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है. विवाहित दंपत्तियों के लिए यह व्रत वैवाहिक जीवन में मधुरता और स्थिरता लाने वाला माना जाता है. शिवरात्रि के दिन की गई पूजा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है. यही कारण है कि देशभर के शिव मंदिरों में इस दिन विशेष आयोजन होते हैं और भक्तगण पूरी रात जागरण कर भगवान शिव का स्मरण करते है.

मासिक शिवरात्रि व्रत तिथि और अभिषेक करने व पूजा का मुहूर्त

ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 मई को रखा जाएगा. चतुर्दशी तिथि सुबह 8:31 बजे से प्रारंभ होकर 16 मई सुबह 5:11 बजे तक रहेगी. निशिता काल पूजा मुहूर्त: रात 11:57 बजे से 12:38 बजे तक.

मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व, जीवन की बढ़ाएं होती है दूर

इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. खासतौर पर विवाह योग्य लोगों के लिए यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है.

मासिक शिवरात्रि के दिन इस विधि से करें पूजा अर्चना

  1. प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें.
  2. रात्रि में शिवलिंग का दूध, गंगाजल से अभिषेक करें.
  3. बेलपत्र, धतूरा अर्पित करें और दीप जलाएं.
  4. शिव मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करें.

इन मंत्रों का करें जाप

ओम नमः शिवाय
ओम महादेवाय नमः
ओम नीलकंठाय नमः
महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फल देता है.