मऊ में शादी समारोह के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, 50-50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की.
मऊ. नगर पालिका परिषद मऊ के दोमानपुरा-इस्लामाबाद मोहल्ले में 28 सितंबर को शादी समारोह के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत के मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय गुरुवार को पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई और सरकार से तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की.
हादसे पर सवाल
अजय राय ने घटना को केवल दुर्घटना मानने पर सवाल उठाते हुए इसे हत्या बताया. उन्होंने कहा कि आबादी वाले घरों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रहे थे और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे. उनके मुताबिक, ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की. उन्होंने कहा कि तीन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है और जिम्मेदारी तय किए बिना पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सकेगा.
मुआवजे की मांग
अजय राय ने मृतकों के आश्रित परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की भी मांग रखी और कहा कि सरकार को तत्काल पीड़ित परिवारों को राहत देनी चाहिए.
उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा पर भी सवाल उठाए. अजय राय ने कहा कि यदि ऊर्जा मंत्री अपने गृह जनपद मऊ में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त नहीं करा पा रहे हैं, तो प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर उनकी जिम्मेदारी पर भी सवाल उठते हैं.
ऊर्जा मंत्री के बयान पर आपत्ति
अजय राय ने ऊर्जा मंत्री के उस बयान का विरोध किया, जिसमें घटना में विभाग की ओर से सीधे तौर पर कुछ नहीं किए जाने और सरकार की ओर से संभव मदद करने की बात कही गई थी. उन्होंने सवाल किया कि आबादी वाले इलाके में बिजली के तारों और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से विभाग को कैसे अलग किया जा सकता है.
वसूली का लगाया आरोप
अजय राय ने मऊ में स्मार्ट मीटर, ट्रांसफॉर्मर बदलने और बिजली के तारों को बदलने के नाम पर गरीब बुनकरों से कथित वसूली का भी आरोप लगाया. उन्होंने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उनके अनुसार, कुछ लोगों ने ट्रांसफॉर्मर बदलने के नाम पर 50 हजार रुपये तक लिए जाने की शिकायत की है.
खुले तार बदलने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों में बिजली का करंट उतरने का खतरा बना रहता है. उन्होंने ऐसे स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर ऊंचाई पर लगाने और बिजली के तारों को सुरक्षित ऊंचाई तक ले जाने की मांग की.
अजय राय ने आबादी वाले क्षेत्रों में खुले बिजली तारों को तत्काल केबल में बदलने, बिजली के खंभों और तारों की ऊंचाई बढ़ाने तथा जरूरत के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की. उन्होंने ऊर्जा मंत्री से मऊ की जनता से माफी मांगने और बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार कराने की भी मांग रखी.

