बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम और ब्राह्मण समाज का रुख तेजी से बसपा के पक्ष में बदल रहा है.

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर रंग को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने सपा के लाल रंग को लेकर अखिलेश पर तंज कसा है. साथ ही पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के छात्र क्रिकेट की ड्रेस का कलर नीला करने पर भी अखिलेश को आधे हाथों लिया.

मायावती ने आरोप लगाया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए प्रचारित सपा के ‘पीडीए रथ’ में पार्टी के लाल रंग की तुलना में आरएसएस और भाजपा के भगवा रंग का इस्तेमाल अधिक दिखाई दे रहा है. उन्होंने सवाल किया कि यह वोटों के स्वार्थ के लिए लगातार रंग बदलने की कोशिश है या फिर सपा प्रमुख का मुस्लिम मतदाताओं पर भरोसा कम हो गया है.

सपा पर राजनीतिक तंज

मायावती ने कहा कि मुस्लिम समाज सपा से नाराज हो गया है और इसी वजह से पार्टी ने लाल रंग को अधिक भगवा किया है, ताकि दूसरे जाति और धर्म के लोगों का समर्थन मिल सके. उन्होंने दावा किया कि ऐसा होने वाला नहीं है और मुस्लिम समाज सपा की कथित राजनीतिक हकीकत को समझ चुका है.

बसपा प्रमुख ने दावा किया कि मुस्लिम समाज अब पहले की तरह बसपा के साथ लौट रहा है और 2007 की तरह ब्राह्मण समाज भी पहले से बसपा के साथ है. उन्होंने कहा कि ऐसे में सपा का कुछ होने वाला नहीं है.

पिछले चुनावों का जिक्र

मायावती ने अपने बयान में मुस्लिम समाज को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि खासकर उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज को इस बात का अहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद पार्टी उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक सकी.

उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम मतदाता यह सोच रहे हैं कि बार-बार सपा को वोट देकर अपना वोट क्यों खराब किया जाए. मायावती ने दावा किया कि इस मामले में मुस्लिम समाज के साथ अपर कास्ट में खासकर ब्राह्मण समाज का रुख भी तेजी से बसपा के पक्ष में बदल रहा है.

बसपा की नीतियों का उल्लेख

मायावती ने बसपा के शासन का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के साथ व्यापक जनहित, जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में काम कर चुकी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश को सर्वसमाज के हित और कल्याण के लिए ऐसी व्यवस्था की जरूरत है.

उन्होंने बसपा को ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति और सिद्धांत वाली आंबेडकरवादी पार्टी बताया. मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी सभी वर्गों के लिए रोटी, रोजगार, आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने की पक्षधर है.

पीडीए पर सवाल

मायावती ने सपा से उसके ‘पीडीए’ की वास्तविकता जनता को बताने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी स्वार्थ के अनुसार सपा ने अलग-अलग मौकों पर ‘पीडी’ का अर्थ ‘पिछड़ा, दलित’ और ‘पण्डित’ बताया है.

उन्होंने यह भी कहा कि खुद को आंबेडकरवादी दिखाने के प्रयास में अखिलेश यादव ने बसपा से जुड़े नीले रंग के वस्त्र पहनकर तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन लोगों ने उन्हें ‘फेक आंबेडकरवादी’ कहकर खारिज कर दिया. यह मायावती द्वारा अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया दावा है.

इसके विपरीत मायावती ने बसपा को सर्वसमाज के हित और कल्याण की नीति पर चलने वाली आंबेडकरवादी पार्टी बताया. उन्होंने कहा कि बसपा सभी लोगों के लिए सम्मान और स्वाभिमान के साथ रोटी और रोजगार वाला जीवन सुनिश्चित करने की पक्षधर है.