बारीपदा: ओडिशा के मयूरभंज ज़िले में जनजीवन ठप हो गया है, क्योंकि आदिवासी संगठनों ने रायरांगपुर सब-डिविज़न में दो दिन का बंद लागू कर दिया है। उनकी मांग है कि गिरफ़्तार किए गए 34 ग्रामीणों को रिहा किया जाए। ये गिरफ़्तारियाँ तब हुईं जब बहलदा में सड़क जाम के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई थी। यह सड़क जाम एक नाबालिग लड़की से जुड़ी कथित घटना के विरोध में किया गया था।
बिसोई, बहलदा और तिरिंग में दुकानें, बाज़ार और पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि नेशनल हाईवे-220 पर यातायात बाधित रहा। भारी वाहनों की आवाजाही पर खास तौर पर असर पड़ा, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को काफ़ी परेशानी हुई।
अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। रिपोर्टों से पुष्टि हुई है कि गिरफ़्तार किए गए लोगों में से 28 महिलाएँ हैं; इस बात ने विरोध प्रदर्शनों को और भी तेज़ कर दिया है। गिरफ़्तार किए गए लोगों को पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है।
आदिवासी संगठनों ने गिरफ़्तार लोगों की तत्काल रिहाई को अपनी मुख्य मांग बनाया है, साथ ही उन्होंने अपनी मांगों के चार्टर में दो अन्य मुद्दे भी शामिल किए हैं। इस बंद ने इलाके में सुलग रहे तनाव को उजागर कर दिया है; समुदाय के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है, लेकिन पूरी तरह से नियंत्रण में है। बंद जारी रहने के दौरान कानून-प्रवर्तन एजेंसियाँ (पुलिस) हर घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रही हैं।
- छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, 854 व्याख्याता पदों पर होगी भर्ती, लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया आदेश
- ‘कोई भी बख्शा नहीं जाएगा’, जमुई कांड पर ADG ने बताया पुलिस का पूरा एक्शन
- नशे के नेटवर्क पर धामी सरकार का शिकंजा, अब स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान
- ओडिशा से दुर्ग जा रही थी गांजे की खेप, पुलिस ने बीच रास्ते तस्कर को रंगे हाथ दबोचा, कार समेत 13 लाख का माल जब्त
- भाजपा के 14 समर्थित पार्षद, फिर भी प्रत्याशी को 0 वोट! मूण्डवा में एक वोट से RLP की जीत



