कुंदन कुमार/पटना। ​जहानाबाद में स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। मखदुमपुर प्रखंड के धरनई गांव निवासी जितेंद्र कुमार की पत्नी खुशबू कुमारी की मौत प्रसव के दौरान एक निजी अस्पताल में हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

​सदर अस्पताल से निजी क्लीनिक रेफर करने का खेल

​परिजनों के अनुसार, वे खुशबू को प्रसव हेतु जहानाबाद सदर अस्पताल लेकर आए थे। आरोप है कि वहां कार्यरत डॉ. राजेश ने उन्हें बेहतर सुविधा का हवाला देकर अपने निजी नर्सिंग होम, ‘मां सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ (स्टेट बैंक के पास) जाने की सलाह दी। डॉक्टरों की बात मानकर परिजन मरीज को वहां ले गए।

​ऑपरेशन के तुरंत बाद हुई मौत

​परिजनों का कहना है कि खुशबू बिल्कुल स्वस्थ थी और पैदल चलकर अस्पताल आई थी। डॉ. राजेश द्वारा ‘बड़ा ऑपरेशन’ (सिजेरियन) कर बच्चा निकाला गया, लेकिन ऑपरेशन के तुरंत बाद ही प्रसूता की स्थिति बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का धैर्य टूट गया। उनका आरोप है कि गलत तरीके से ऑपरेशन और इलाज में बरती गई लापरवाही खुशबू की जान जाने का कारण बनी।

​पुलिस की कार्रवाई और फरार डॉक्टर

​तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जहानाबाद नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। घटना के बाद डॉ. राजेश, डॉ. मनीष और उनका स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस ने पीड़ित परिवार को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।