मेरठ में समाजवादी पार्टी के स्थानीय विधायकों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कमिश्नरी मुख्यालय पर प्रदर्शन कर सेंट्रल मार्केट समेत अन्य संपत्तियों के मामले में राहत की मांग की. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद धक्का-मुक्की हुई और एडीएम ने मौके पर ही ज्ञापन लिया.
मेरठ. समाजवादी पार्टी के स्थानीय विधायकों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कमिश्नरी मुख्यालय पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट से जुड़ा मामला और शहर में बड़ी संख्या में आवासों व संपत्तियों पर कार्रवाई को लेकर बनी स्थिति रही.
प्रदर्शन में किठौर विधायक शाहिद मंजूर, सरधना विधायक अतुल प्रधान और मेरठ शहर विधायक रफीक अंसारी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों, व्यापारियों और भवन स्वामियों को राहत देने की मांग उठाई.
पुलिस ने रोका मार्च
सपा नेता और कार्यकर्ता चौधरी चरण सिंह पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय की ओर ज्ञापन देने के लिए बढ़े, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई.

इसके बाद एडीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने से पहले ही सपा नेताओं से ज्ञापन ले लिया. राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देने की मांग की गई.
पुनर्वास की मांग
सपा नेताओं ने लंबे समय से मेरठ में रह रहे लोगों और कारोबार कर रहे प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने की मांग की. साथ ही छोटे व्यापारियों और उनके रोजगार पर निर्भर परिवारों के हितों की रक्षा के उपाय करने की बात कही.
सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देश के बाद मेरठ के व्यापारियों, भवन स्वामियों और दुकानदारों में चिंता का मुद्दा भी सपा नेताओं ने उठाया. सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा जोन ए में चिन्हित 16,726 अवैध व्यावसायिक इमारतों को सील करने का आदेश दिया है.
रफीक अंसारी के आरोप
मेरठ शहर विधायक रफीक अंसारी ने कहा कि जिन अधिकारियों के कार्यकाल में ऐसे आवास और निर्माण हुए, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण अधिकारियों की निगरानी के बावजूद होते रहे और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है.
रफीक अंसारी ने कहा कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में जनता की आवाज उठानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि सपा की सरकार बनने पर इस तरह के मामलों को लेकर कानून लाया जाएगा.
भाजपा जनप्रतिनिधियों की ओर से सेंट्रल मार्केट मामले पर मेरठ के सर्किट हाउस में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी रफीक अंसारी ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के दौरान सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कैसे की जा सकती है.
बुलडोजर पर चेतावनी
रफीक अंसारी ने कहा कि अगर सरकार ने किसी प्रभावित संपत्ति को गिराने की कोशिश की तो समाजवादी पार्टी इसका विरोध करेगी. उन्होंने मेरठ की ऐतिहासिकता का हवाला देते हुए पुराने निर्माणों और शहर के विकास प्राधिकरणों के गठन के समय के बीच का अंतर भी उठाया.
किठौर विधायक शाहिद मंजूर ने आरोप लगाया कि सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पहले गरीबों और फिर मुसलमानों तक पहुंची और अब भाजपा के कोर वोटर भी इसकी जद में आ रहे हैं. उन्होंने सरकार पर बुलडोजर और आतंकवाद के बल पर सत्ता में आने का आरोप भी लगाया.
शाहिद मंजूर ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है. वहीं सरधना विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि मेरठ में किसी घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई हुई तो सपा कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहेंगे.
अतुल प्रधान ने यह भी कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के सामने उठा चुके हैं. सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सपा ने प्रभावित लोगों और व्यापारियों को राहत देने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया.


