UN News: राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र से आने वाले राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ और चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों में भारत का पक्ष रखा। महिमा कुमारी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति में जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के बयान का जवाब दिया। वहीं, सीपी जोशी ने न्यूयॉर्क में आयोजित हिंदी दिवस कार्यक्रम में भारतीय भाषाओं की विविधता और हिंदी की भूमिका पर विचार रखे। दोनों सांसदों के संबोधन में भारत की संप्रभुता और भाषाई विरासत से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।

महिमा कुमारी मेवाड़ ने UN में पाकिस्तान को क्या जवाब दिया?

राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति में उपनिवेशवाद उन्मूलन के एजेंडे पर पाकिस्तान के प्रतिनिधि के बयान के जवाब में भारत की ओर से ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का इस्तेमाल किया। यह संबोधन 9 अक्टूबर को दिया गया था।

महिमा कुमारी ने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर को लेकर झूठे और भ्रामक दावे फैलाने के लिए कर रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताते हुए कहा कि इस पर देश की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता।

पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों का मुद्दा उठाया

अपने जवाब में महिमा कुमारी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने वहां के लोगों के अधिकारों, स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा करने की बात कही।

उन्होंने पाकिस्तान के राजनीतिक और सुरक्षा रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। भारत की ओर से रखे गए इस पक्ष में जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दावों को खारिज किया गया और अंतरराष्ट्रीय मंच के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गई।

सीपी जोशी ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी की भूमिका पर क्या कहा?

चित्तौड़गढ़ सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की ओर से आयोजित हिंदी दिवस कार्यक्रम में संबोधन दिया।

जोशी ने कहा कि भारत की 22 संविधान-मान्यता प्राप्त भाषाएं और असंख्य बोलियां देश की साझा विरासत और ताकत हैं। उन्होंने हिंदी को अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों के बीच संवाद और आत्मीयता का माध्यम बताया।

भारतीय भाषाओं के सम्मान पर दिया जोर

सीपी जोशी ने मातृभाषाओं के सम्मान और भारतीय भाषाओं के बीच आपसी संबंध मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उनके संबोधन का प्रमुख संदेश यह था कि भारत की भाषाई विविधता उसकी सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम कैलेंडर में 9 अक्टूबर को हिंदी दिवस 2026 का आयोजन भी दर्ज है।

मेवाड़ में क्यों जताई जा रही खुशी?

दोनों सांसदों के संबोधन के बाद मेवाड़ क्षेत्र में इसे गौरव के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक डॉ. कुंजन आचार्य ने कहा कि मेवाड़ का इतिहास शौर्य और गौरव की परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके अनुसार, दोनों सांसदों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रखकर क्षेत्र का ध्यान आकर्षित किया है।

वहीं, पार्षद और भाजपा देबारी मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि मेवाड़ के दो सांसदों का संयुक्त राष्ट्र जैसे बड़े मंच पर अपनी बात रखना क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और लोगों के लिए खुशी का अवसर है।

महिमा कुमारी मेवाड़ और सीपी जोशी के संबोधन के विषय अलग-अलग रहे। एक ओर जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत का पक्ष रखा गया, तो दूसरी ओर हिंदी और भारतीय भाषाओं की सांस्कृतिक भूमिका पर जोर दिया गया।

पढ़ें ये खबरें