Mewat Engineering College Protest : नूंह के मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में पिछले 38 दिनों से जारी आंदोलन का मामला अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंच गया है। कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहीं, दो विद्यार्थी पिछले आठ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच नूंह के विधायक आफताब अहमद ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कॉलेज से जुड़ी छह प्रमुख मांगें रखी हैं।
चंडीगढ़ में शुक्रवार रात हुई इस मुलाकात के दौरान विधायक ने मुख्यमंत्री को कॉलेज की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन का असर अब विद्यार्थियों की पढ़ाई और कॉलेज की व्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को मामले में जल्द हस्तक्षेप करना चाहिए।
आफताब अहमद ने मुख्यमंत्री से कहा कि कॉलेज में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना जरूरी है। इसके साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना चाहिए, ताकि संस्थान का कामकाज सामान्य रूप से चल सके। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उन्हें मामले का जल्द समाधान कराने का भरोसा दिया।
कर्मचारियों के नियमित वेतन से लेकर डीए एरियर तक की मांग
विधायक आफताब अहमद ने मुख्यमंत्री के सामने कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे उठाए। उनकी प्रमुख मांगों में हर महीने नियमित वेतन जारी करना और वर्ष 2018 से बंद महंगाई भत्ते (डीए) को एरियर सहित देने की मांग शामिल है।
उन्होंने कहा कि कॉलेज में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। हाल ही में हटाए गए गेस्ट और कांट्रैक्चुअल शिक्षकों को भी दोबारा काम पर रखा जाए, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
छठे की जगह सातवें वेतनमान का लाभ देने की मांग
आफताब अहमद ने कॉलेज कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि फिलहाल कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन मिल रहा है, जबकि उन्हें हरियाणा वक्फ बोर्ड के कर्मचारियों की तर्ज पर सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने शिक्षकों की पदोन्नति और वेतन वृद्धि का मुद्दा भी उठाया। विधायक के मुताबिक, कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों को करीब 15 वर्षों से प्रमोशन और वेतन बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिला है।
कॉलेज भवन और हॉस्टल की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया
कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया गया। विधायक ने कॉलेज भवन और छात्रावास की मरम्मत कराने के साथ उनके नियमित रखरखाव की मांग की। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
आंदोलन खत्म होने की उम्मीद, समाधान पर टिकी नजरें
मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में पिछले 38 दिनों से शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी अलग-अलग मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। दो विद्यार्थियों की आठ दिनों से जारी भूख हड़ताल ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात और जल्द समाधान के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, आंदोलन कब समाप्त होगा, यह सरकार की ओर से मांगों पर लिए जाने वाले फैसले और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
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