Business Desk – Microsoft 25 Billion Bond Sale : दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने 25 अरब डॉलर के बॉन्ड जारी करने की कीमत तय की है। कंपनी ने 10 अलग-अलग सीरीज में ये बॉन्ड जारी किए हैं। इनकी अवधि 2028 से लेकर 2066 तक होगी। माइक्रोसॉफ्ट की 2017 के बाद यह पहली अमेरिकी इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड बिक्री है।

यह कदम ऐसे समय आया है, जब माइक्रोसॉफ्ट समेत बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर पर भारी निवेश कर रही हैं। कंपनियां इस खर्च के लिए सिर्फ अपनी नकदी पर निर्भर रहने के बजाय कर्ज और बॉन्ड मार्केट से भी पैसा जुटा रही हैं।

25 अरब डॉलर के बॉन्ड 10 हिस्सों में जारी

माइक्रोसॉफ्ट ने 29 अक्टूबर को 25 अरब डॉलर के सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की कीमत तय करने की घोषणा की थी। इसमें दो तरह के बॉन्ड शामिल हैं। दो सीरीज फ्लोटिंग रेट और आठ सीरीज फिक्स्ड रेट वाली हैं। फ्लोटिंग रेट बॉन्ड में 2028 और 2029 में मैच्योर होने वाले 1-1 अरब डॉलर के बॉन्ड शामिल हैं। इन पर ब्याज की दर SOFR के आधार पर बदलती रहेगी।

फिक्स्ड रेट बॉन्ड की ब्याज दर 4.85% से 6.35% के बीच रखी गई है। इनमें 2028 में मैच्योर होने वाले 2 अरब डॉलर, 2029 और 2031 के लिए 3.25-3.25 अरब डॉलर, 2033 के लिए 2.5 अरब डॉलर और 2036 के लिए 4 अरब डॉलर के बॉन्ड शामिल हैं। इसके अलावा 2046 में मैच्योर होने वाले 2 अरब डॉलर, 2056 के लिए 4 अरब डॉलर और 2066 के लिए 2 अरब डॉलर के बॉन्ड भी जारी किए गए हैं। यानी सबसे लंबी अवधि वाले बॉन्ड का भुगतान करीब 40 साल बाद करना होगा।

AI और डेटा सेंटर पर खर्च के बीच क्यों जुटा रही पैसा?

माइक्रोसॉफ्ट दुनिया भर में AI सेवाओं और क्लाउड कंप्यूटिंग की क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश कर रही है। इसके लिए बड़े डेटा सेंटर, सर्वर, चिप और बिजली जैसी सुविधाओं की जरूरत होती है। इन पर भारी खर्च आता है।

टेक कंपनियां अब अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बॉन्ड और कर्ज के जरिए भी फंड जुटा रही हैं। इससे कंपनियां अपनी नकदी को बचाकर रख सकती हैं और लंबे समय के निवेश को अलग-अलग वित्तीय स्रोतों से पूरा कर सकती हैं।

Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट की CFO एमी हूड ने निवेशकों से कहा था कि कंपनी जरूरत और अनुकूल परिस्थितियों के हिसाब से फंडिंग के दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल करेगी, ताकि कैश फ्लो और वित्तीय लचीलापन बना रहे।

100 अरब डॉलर से ज्यादा के ऑर्डर मिलने की खबर

Reuters ने दो सूत्रों के हवाले से बताया था कि बॉन्ड बिक्री के शुरुआती चरण में निवेशकों की ओर से 100 अरब डॉलर से ज्यादा के ऑर्डर मिले थे। यह प्रस्तावित 25 अरब डॉलर की रकम से चार गुना से भी ज्यादा था। हालांकि, यह शुरुआती मांग से जुड़ा आंकड़ा था। इसे कंपनी को मिली अंतिम रकम या वास्तविक निवेश के रूप में नहीं देखना चाहिए।

बॉन्ड से मिले पैसे का क्या करेगी कंपनी?

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि बॉन्ड बिक्री से मिलने वाली शुद्ध रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। इसमें वर्किंग कैपिटल, पूंजीगत खर्च, शेयरों की दोबारा खरीद, दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण और मौजूदा कर्ज चुकाना शामिल हो सकता है।

कंपनी ने यह नहीं कहा है कि 25 अरब डॉलर की पूरी रकम सिर्फ AI या डेटा सेंटर पर खर्च की जाएगी। बॉन्ड बिक्री से जुड़ी प्रक्रिया 4 नवंबर 2026 को पूरी होने की उम्मीद है। माइक्रोसॉफ्ट की यह बॉन्ड बिक्री बताती है कि AI की दौड़ में बड़ी टेक कंपनियों के लिए फंड जुटाना कितना अहम हो गया है। अब सवाल यह है कि AI पर बढ़ता खर्च आने वाले समय में कंपनियों की कमाई और मुनाफे को कितना बढ़ा पाता है।