शब्बीर अहमद, भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित एमएलए (MLA) रेस्टहाउस में सुरक्षा व्यवस्था और विश्राम गृह के प्रबंधन की धज्जियां उड़ाने वाला बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया है। महिदपुर (उज्जैन) से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन (बॉस) को आवंटित कमरे में उनकी गैरहाजिरी के दौरान एक युवक और युवती संदिग्ध हालत में रंगरेलियां मनाते पाए गए। हद तो तब हो गई जब पकड़े जाने पर दोनों आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर मौके से भाग निकले। इस बड़ी सुरक्षा चूक को लेकर विधायक ने प्रदेश के मुख्य सचिव (CS) को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दिल्ली से लौटे विधायक, कमरा खुला मिला तो उड़े होश

दरअसल पूरा घटनाक्रम 2 नवंबर का है। कांग्रेस विधायक दिनेश जैन 2 नवंबर को दिल्ली के दौरे से वापस भोपाल लौटे थे। जब वे एमएलए रेस्टहाउस (ब्लॉक 3) स्थित अपने आवंटित कमरे में पहुँचे, तो कमरे का दरवाजा खुला हुआ मिला। विधायक जैसे ही कमरे के भीतर दाखिल हुए, अंदर एक युवक और युवती संदिग्ध अवस्था में मौजूद थे। विधायक को अचानक सामने देख दोनों में हड़कंप मच गया और वे आनन-फानन में मौके से भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों और विधायक के अनुसार, भागने वाले युवक और युवती दोनों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी।

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केयरटेकर पर साठगांठ के आरोप, चाबी काउंटर का खेल

एमएलए रेस्टहाउस में विधायकों की अनुपस्थिति में कमरों की सुरक्षा व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अमले की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नियमानुसार रेस्टहाउस के कमरों की चाबियां काउंटर पर जमा रहती हैं और केवल संबंधित विधायक या उनके अधिकृत निजी सहायक (PA) को ही दी जाती हैं। घटना से आहत विधायक दिनेश जैन ने सीधे मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव (CS) को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी या उनके PA की जानकारी और अनुमति के बिना रेस्टहाउस के केयरटेकर ने अनधिकृत लोगों को कमरे की चाबी सौंपी।

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PWD ने शुरू की जांच, उठ रहे सुरक्षा पर सवाल

हाई-प्रोफाइल और अति-सुरक्षित माने जाने वाले एमएलए रेस्टहाउस में पुलिस की वर्दीधारी युवक-युवती के संदिग्ध प्रवेश से हड़कंप मच गया है। शिकायत दर्ज होने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। रेस्टहाउस में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि वर्दीधारी युवक-युवती की पहचान की जा सके और चाबी देने वाले कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो सके। जनप्रतिनिधियों के रुकने के स्थान पर बिना अनुमति बाहरी लोगों का रुकना और खाकी वर्दी का दुरुपयोग होना सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के लिए बड़ा चिंता का विषय बन गया है।

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