कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों (चार स्नातक और चार शिक्षक सीट) पर हुए हालिया चुनावों के परिणाम आने शुरू हो गए हैं। आगामी नतीजों में कई सीटों पर उलटफेर देखने को मिला है। 23 अक्टूबर को आयोजित हुए इन चुनावों में कुल 150 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
डॉ. संजीव कुमार की ऐतिहासिक जीत
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने 30 साल से इस सीट पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता नवल किशोर को 1,057 वोटों के अंतर से पराजित किया।
जीत का प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) लेने के बाद डॉ. संजीव कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, यह अधर्म पर धर्म की जीत है और यह मेरे शिक्षक भाइयों की जीत है। मैं लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव का दिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और मुझे यह मौका दिया। उन्होंने आगे संकल्प जताते हुए कहा कि वे शिक्षकों की समस्याओं को लेकर सड़क से सदन तक लगातार लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करना होगा।



कहीं बीजेपी तो कहीं निर्दलीय का जलवा
अन्य शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो तिरहुत शिक्षक सीट पर बीजेपी के नरेन्द्र सिंह ने 600 वोटों से जीत हासिल की है। वहीं सारण शिक्षक सीट पर बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़े राहुल राज ने 1,815 वोटों के बड़े अंतर से जीत का परचम लहराया है। दरभंगा शिक्षक सीट पर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज समर्थित प्रत्याशी सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज की है।
अनंत सिंह का बयान
स्नातक सीटों में तिरहुत से वंशीधर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं, वहीं दूसरी स्नातक सीट पर नीरज कुमार की जीत तय मानी जा रही है। हालांकि नीरज की संभावित जीत पर बाहुबली नेता अनंत सिंह की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें प्रचार का पर्याप्त समय नहीं मिला और वे नीरज को जीत की बधाई बिल्कुल नहीं देंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी नाराजगी अपनी पार्टी से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से उम्मीदवार नीरज से है।

