एमएमआई हाॅस्पीटल विवाद : नए प्रबंधन के खिलाफ पूर्व चेयरमेन पहुंचे थाने, अवैध कब्जा, डकैती करने का आरोप लगाकर दी शिकायत, पुलिस ने कहा, ‘एफआईआर दर्ज नहीं’

रायपुर- एमएमआई हाॅस्पीटल प्रबंधन मामले में अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले में पूर्व चेयरमेन सुरेश गोयल ने मौजूदा प्रबंधन पर अवैध कब्जा और डकैती किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह बताया है कि इस मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. पुलिस के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश के बाद रजिस्ट्रार एंड फर्म्स सोसायटी ने संस्थापक सदस्यों के पक्ष में फैसला सुनाया था. जिला प्रशासन की मौजूदगी में कब्जे की पूरी कार्यवाही की गई थी.

पुलिस से मिली अधिकृत जानकारी के मुताबिक एमएमआई प्रबंधन के पूर्व चेयरमेन की ओर से यह शिकायत तीन-चार दिन पहले दी गई थी. शिकायत में जबरिया ताला तोड़ा अवैध कब्जा, डकैती, उपद्रव कर अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए संदर्भित धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की गई थी. एमएमआई हाॅस्पीटल के नए प्रबंधन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उन पर लगाए जा रहे तमाम आरोप बेबुनियाद हैं. कानूनी पहलूओं को ध्यान में रखते हुए ही बागडोर अपने संस्थापक सदस्यों ने अपने हाथों ली है. असंवैधानिक ढंग से हाॅस्पीटल प्रबंधन पर कब्जा कर बैठे लोगों को कब्जा हटाने नोटिस भेजा गया था. कब्जे के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी थी. प्रबंधन का बागडोर संभालने वाले चेयरमेन महेंद्र चंद्र धाड़ीवाल ने लल्लूराम डाट काम से हुई बातचीत में कहा कि-

इस शिकायत के संबंध में हमे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है. हमने शासन के नियमों के तहत ही काम किया है. हमे किसी तरह का डर नहीं है. शिकायत करने का अधिकार सबको है.

बता दें कि 13 सालों तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ट्रिब्यूनल ने संस्थापक सदस्यों के पक्ष में फैसला सुनाया था. ट्रिब्यूनल ने 11 संस्थापक सदस्यों को मान्यता देते हुए 69 सदस्यों को अवैधानिक करार दिया था. साथ ही 21 दिनों के भीतर नए सिरे से प्रबंधन कार्यकारिणी का चुनाव कराने का निर्देश दिया था. ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद संस्थापक सदस्यों के बीच हुए चुनाव में महेंद्र चंद्र धाड़ीवाल को चेयरमेन चुन लिया गया है.

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