Kerosene Rules Change In LPG Crisis: 90 के दशक में ईंधन का मुख्य स्रोत रहे केरोसिन एक बार फिर लौट आया है। ईरान युद्ध के कारण देश में एलपीजी कि किल्लत को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल पंप पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) बेचने की मंजूरी दी है। केरोसिन अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा। हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुनेंगे, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा।

सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके। सरकार ने ये फैसला अमेरिका-इजराइल के ईरान संघर्ष के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण भारत में गैस, पेट्रोल-डीजल की कमी है। केंद्र सरकार लगातार मौजूदा हालात पर चिंता जता रही है।

केंद्र सरकार के 29 मार्च को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS/सरकारी राशन की दुकान) के जरिए 60 दिनों के लिए सुपीरियर केरोसिन ऑयल (SKO) की एड-हॉक आपूर्ति की अनुमति दी है ताकि आम लोगों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। इनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात भी शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केरोसिन की आपूर्ति केवल घरेलू उपयोग- जैसे खाना पकाने और रोशनी के लिए ही की जाएगी, ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके। इन बदलावों के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा संचालित चुनिंदा पेट्रोल पंपों को केरोसिन स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन की अनुमति दी गई है। जिस पेट्रोल पंप को इसके लिए चुना जाएगा, वह अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर कर सकेगा।

हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इसके लिए नामित किया जाएगा, जहां केरोसिन बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि केरोसिन के स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े डीलरों और वाहनों को पेट्रोलियम रूल, 2002 के कुछ लाइसेंसिंग प्रावधानों से छूट दी गई है, ताकि सप्लाई चेन को तेज किया जा सके और अंतिम छोर तक डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित हो सके।

केरोसिन और वैकल्पिक ईंधन पर जोर

सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 48000 किलो लीटर (4 करोड़ 80 लाख लीटर) केरोसिन आवंटित किया है। एलपीजी की मांग कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने सिटी गैस कंपनियों को होटल, रेस्टोरेंट और कॉमर्शियल संस्थानों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। औद्योगिक और कॉमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल औसत खपत की 80% गैस दी जा रही है।

नियमों में क्या छूट दी गई

  • केरोसिन बांटने वाले एजेंट और डीलरों को लाइसेंस लेने से छूट दी गई है
  • टैंकरों से केरोसिन उतारने (सप्लाई) के नियम भी आसान किए गए हैं
  • पेट्रोल पंपों पर केरोसिन स्टोर और वितरण की अस्थायी अनुमति दी गई है

भारत में केरोसिन बैन है?

बता दें कि भारत में केरोसिन की बिक्री पर पूरी तरह एक साथ देशभर में रोक नहीं लगाई गई थी, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से कम किया गया। केंद्र सरकार ने 2015 के बाद से उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना के जरिए एलपीजी और बिजली कनेक्शन को बढ़ावा देना शुरू किया। साथ ही पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS/राशन दुकानों) के माध्यम से सब्सिडी वाले केरोसिन (मिट्टी का तेल) की बिक्री धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से बंद की गई। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ ने 2018-2020 के बीच सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन की बिक्री बंद कर दी और खुद को केरोसिन मुक्त घोषित किया।

सरकार बोली- कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक

सरकार के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। घरेलू खपत को देखते हुए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ और ज्यादा बिक्री देखने को मिली। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की कमी नहीं है और लोगों से अपील की गई है कि घबराकर खरीदारी न करें।

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