रायपुर- बिजली की खपत कम करने के लिए प्रदेश के सभी निकायों में 31 जनवरी तक एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाए जाएंगे. नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने आज निकायों की समीक्षा बैठक के दौरान इसके निर्देश दिए हैं. बैठक में बताया गया कि अब तक लगभग 50 फीसदी ही काम हुए हैं. बिजली की खपत को कम करने के लिए राज्य सरकार ने स्ट्रीट लाइट्स में एलईडी बल्ब इस्तेमाल करने की योजना बनाई है. अमर अग्रवाल ने निकाय आयुक्तों को निर्देश दिया कि एलईडी लाइट्स केवल बिजली के पोल पर ही लगाया जाए.

अमर अग्रवाल ने निर्देश दिया कि शहरों के मध्य सड़कों के किनारे लगाने वाले ठेलों और अन्य स्ट्रीट वेण्डरों के व्यवस्थापन प्राथमिकता के साथ किया जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे सभी दुकानवालों का सर्वेक्षण करके उन्हें पहचान पत्र दिए जाएं और मार्च महीने तक उन सभी का समुचित स्थल पर व्यवस्थापन किए जाएं. रायगढ़ नगर निगम में करीब 50 पदों पर हुई अवैध नियुक्तियों को निरस्त करने के भी निर्देश भी बैठक के दौरान मंत्री ने जारी किया.  अमर अग्रवाल ने वनों के नियमितीकरण और अनुज्ञा जारी करने में हो रहे विलंब पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर यह कार्य पूर्ण हो जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में राजस्व के स्रोत बढ़ाने सहित वित्तीय रख-रखाव में मदद के लिए चार्टर्ड एकाउण्टेण्टों का सहयोग लिया जा रहा है.

बैठक के दौरान मंत्री अमर अग्रवाल ने हाउसिंग फार ऑल योजना के अंतर्गत चिरमिरी निगम में काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए. वहीं राजस्व विभाग द्वारा डायवर्सन में विलंब हेाने की जानकारी मिलने पर वहां के कलेक्टर को टीएल बैठक में ये प्रकरण रखकर समय-सीमा में  निराकरण करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य आवास निर्माण कार्यों में नियुक्त किए गए आर्किटेक्ट का सहयोग लिया जाए. निकायों के काम को व्यवस्थित करने के लिए ही इनकी नियुक्ति की गई है. यदि उनका सहयोग नहीं मिलता, तो उनकी सेवा आगे बढ़ाने पर पुनर्विचार किया जाएगा.

अमर अग्रवाल ने नगर निगमों और पालिकाओं में आधारभूत कार्याें के लिए स्वीकृति 5 जनवरी तक अनिवार्य रूप से जारी करने के निर्देेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास शहरी विकास के लिए बजट की कमी नहीं है. नियमों के अनुरूप प्रस्ताव समय-सीमा में दिए जाने चाहिए. उन्होंने निर्माण कार्यों के भुगतान में कुछ निगमों और पालिकाओं में विलम्ब पर नाराजगी जाहिर की और आइंदा इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने देने की सख्त हिदायत दी. उन्होंने कहा कि स्वीकृत काम के मेजरमेन्ट से लेकर अंतिम भुगतान तक के संपूर्ण चरण के काम की रैंकिंग भी की जाएगी. उन्होंने स्थल विवाद के प्रकरणों की स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को प्रकरण नहीं भेजने के निर्देश भी दिए.

मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों को वित्तीय आत्मनिर्भरता के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीन निगमों- भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर में निजी कम्पनी को राजस्व वसूली के लिए अधिकृत किया गया है. अब तक इस कम्पनी के काम-काज की जानकारी ली और काम में सुधार के लिए एक महीने की मोहलत दी. खासतौर से दुर्ग में इसके द्वारा ठीक से काम नहीं किए जाने की जानकारी बैठक में मिली. मंत्री ने साफ किया है कि निकायों में सभी तरह की खरीदी जेम पोर्टल के जरिए ही की जाए. इसके अलावा अन्य कोई सिस्टम से की गई खरीदारी को मान्य नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारी के विरूद्ध भण्डार क्रय नियम के पालन नहीं किए जाने की कार्रवाई की जाएगी.