पाकिस्तान हो या पाकिस्तानी लोग, जहां भी जाते या फिर रहते है शर्मिंदगी की मिसाल पेश करना नहीं भूलते है. ऐसा ही एक वाकया हुआ है जापान के कावागोए शहर में. पाकिस्तानी समुदाय द्वारा बनाया गया एक मस्जिद गंभीर कानूनी विवाद के पेंच में फंस गयी है. शर्मिंदगी की सबसे बड़ी बात तो यह है कि खुद पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हामीद की मौजूदगी में अप्रैल 2026 में इसका उद्घाटन किया गया था. मस्जिद बिना परमिशन के बनाई गई थी और इसमें कानूनी सहमति भी नहीं ली गई थी. इस मस्जिद पर ध्वस्तीकरण का खतरा मंडरा रहा है.
मस्जिद बिना स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बनाया गया है, जिसके बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त करने की चेतावनी देते हुए मामले की जांच में लग गया है.
जापान के साइतामा प्रांत के कावागोए शहर में इसी साल अप्रैल में बनी एक मस्जिद पाकिस्तान और पाकिस्तानी समुदाय के लिए अब नासूर बन गया है. जापान में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हमीद की मौजूदगी में बनी मस्जिद अब गिराए जाने के खतरे का इंतेजार कर रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि बिना परमिशन के बनाई गई यह मस्जिद पर ध्वस्तीकरण का खतरा मंडराने लगा है.
वहीं, इस मामले में कावागोए सिटी हॉल ने ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा कि आवश्यक अनुमति प्राप्त किए बिना यह मस्जिद बनाया गया है. मस्जिद का निर्माण जिस क्षेत्र में जिया गया है, वह एरिया Urban Development Control Area के अंतर्गत आता है और इस तरह के एरिया में केवल स्पेशल परमिशन के बिना किसी भी तरह का निर्माण कार्य बैन और गैर कानूनी माना जाता है.
मामले को ज्यादा तूल पकड़ता देख अपना पल्ला झाड़ते हुए टोक्यो स्थित पाकिस्तान दूतावास ने 1 जून को सोशल मीडिया पर खुद को इस परियोजना से अलग बताते हुए कहा कि, ‘जापान में रहने वाले पाकिस्तानी समुदाय से अपील की कि वे सभी मामलों में जापानी कानूनों का पूर्ण रूप से पालन करें’.
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