सोहराब आलम, पूर्वी चम्पारण। बिहार के पूर्वी चम्पारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राज्य की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम ने एक बड़े राजनीतिक और व्यावसायिक चेहरे के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और नगर पंचायत की पूर्व मुख्य पार्षद के पति रिंकू पाठक से जुड़ी संपत्तियों पर की जा रही है। सुबह से शुरू हुई इस उच्च स्तरीय जांच और छापेमारी से राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी तेज हो गई है।

​सुबह से शुरू हुई ताबड़तोड़ छापेमारी

​मिली जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई की टीमों ने मोतिहारी स्थित रिंकू पाठक के पैतृक आवास, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और गैस एजेंसी समेत कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। सुबह-सुबह अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके के कारोबारियों और स्थानीय लोगों में सनसनी फैल गई। कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और साक्ष्यों की सुरक्षा के मद्देनजर छापेमारी वाले सभी परिसरों के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच किसी भी बाहरी व्यक्ति या आम नागरिक के संबंधित परिसरों में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

अवैध कारोबार का है गंभीर आरोप

​सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिंकू पाठक की अकूत संपत्ति और उनके व्यावसायिक साम्राज्य को लेकर आर्थिक अपराध इकाई को कई गोपनीय शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि पिछले लगभग दस वर्षों के छोटे से अंतराल में उन्होंने बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से चल-अचल संपत्तियों का अर्जन किया है। इसके अलावा, उनके पुराने आपराधिक इतिहास को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व में उन पर रंगदारी और अन्य संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं तथा वे जेल भी जा चुके हैं। हालांकि, इन तमाम आरोपों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल जांच एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

ठिकानों पर खंगाले जा रहे हैं दस्तावेज

​जांच का दायरा सिर्फ मोतिहारी तक सीमित नहीं है, बल्कि सूत्रों के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि केसरिया और आसपास के अन्य ठिकानों पर भी उनकी संपत्तियों, भूमि के कागजातों और कारोबारी गतिविधियों की सघन जांच की जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारी इस बात का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं कि इन संपत्तियों को खरीदने के स्रोत क्या थे और क्या यह ज्ञात आय स्रोतों से अधिक हैं या नहीं। टीम मौके पर मौजूद रहकर बैंक खातों, भूमि के कागजात, डिजिटल उपकरणों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की एक-एक बारीकी से पड़ताल में जुटी हुई है।
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के दौरान क्या-क्या और कितनी मात्रा में नगद, आभूषण या बेनामी संपत्ति के कागजात बरामद हुए हैं, इस संबंध में आर्थिक अपराध इकाई या जिला पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। समाचार लिखे जाने तक टीम की कार्रवाई लगातार जारी थी और जांच पूरी होने के बाद ही EOU की तरफ से एक विस्तृत आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी किए जाने की संभावना है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूर्वी चम्पारण के राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।