शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश में आदिवासी मेले ‘लोकरंग’ में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है! दरअसल, मेले के लिए 7500 आवेदन आए थे, लेकिन सिर्फ 200 शिल्पियों को ही दुकानें दी गई। इन 200 में से भी आधे शिल्पियों को रवींद्र भवन नहीं, बल्कि एमवीएम परिसर भेजा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, आदिवासी मेला ‘लोकरंग’ में आवेदन के नाम पर हर शिल्पी से 1000 रुपए लिए गए। इस तरह से कुल मिलाकर करीब 75 लाख रुपये की वसूल की गई। रवींद्र भवन में मेला आयोजित होने के बावजूद कई शिल्पियों को पहले वहीं बुलाया गया, लेकिन बाद में जबरन दूसरी जगह की दुकानें थमा दी गईं।
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इसे लेकर शिल्पियों में भारी नाराज़गी है। वहीं पारदर्शिता पर गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे है और अब पूरे मामले में बड़े घोटाले की आशंका गहराती जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि क्या संस्कृति के नाम पर खुला खेल हुआ है ? इस वसूली का आखिर जिम्मेदार कौन है ? क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी ? यह अब देखने वाली बात होगी।
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