राकेश चतुर्वेदी/शब्बीर अहमद, भोपाल। यूजीसी के नए नियमों को लेकर मध्य प्रदेश में भी बवाल शुरू हो गया है। सवर्ण वर्ग में काफी आक्रोश है। सपाक्स पार्टी ने भी UGC के नए कानून का विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से सवाल पूछे हैं।

यूसीजी को लेकर सवर्ण वर्ग में आक्रोश है। 7 नंबर के पास हाथों में बैनर लेकर नए कानून का विरोध किया गया। प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि ‘UGC के कानून के कारण सवर्ण वर्ग छात्रों पर शोषण बढ़ेगा। इस कानून को वापस लिया जाये ये बर्दाश्त नहीं है।’ वहीं सपाक्स पार्टी ने भी प्रदर्शन कर कानून वापस लेने की मांग की है। सपाक्स ने भेदभाव करने वाला कानून बताया है। इससे एक वर्ग के छात्रों को कष्ट होगा। यह कानून लाना सामान्य वर्ग के लिए न्याय नहीं है।

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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि देश में कई अलग-अलग वर्ग है। सरकार को कानून बनाते समय सभी वर्गों का ध्यान रखना चाहिए। सरकार ऐसे कई चौपाल करती है, लेकिन जब बात कानून बनाने की आती है तो क्यों सभी की राय नहीं ली जाती ? सिंघार ने आगे कहा कि ग्राम सभा चलाकर बीजेपी कई अभियान चलाती है, लेकिन कानून बनाते वक्त इस तरीके के अभियान भूल जाती है।

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वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान पर भारतीय जनता पार्टी की प्रतक्रिया सामने आई है। बीजेपी प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि संसद में चर्चा होती है। सांसद देश की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। बहस के बाद बिल पास होता है। संसद सदस्यों की राय जनता की राय मानी जाती है। नेता प्रतिपक्ष भी संसदीय प्रक्रिया से निकले सदस्य हैं, उन्हें यह सोचना चाहिए।

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