शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के वर्ष 2026-27 की बजट अनुदान मांगों पर चर्चा में अर्चना चिटनीस ने कहा कि मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने देहदान के 60 लोगों को गॉड ऑफ ऑनर दिया गया. स्वास्थ्य विभाग में प्रदेश में टेली मेडिसिन की एक बेहतरीन सुविधा शुरू की है. इसमे मेडिकल कॉलेज से दुरुस्त अस्पताल को जोड़कर मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर का परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है.

आयुष्मान में गड़बड़ी का मामला उठाया

भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा- एक बड़े गंभीर मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित करना चाहती हूं. आयुष्मान प्रधानमंत्री की बहुत महत्वाकांक्षी योजना है मैं किसी अस्पताल का नाम नहीं लूंगी एक नीति अस्पताल की शिकायत होती है इसकी जांच शुरू होती है जांच पूरी नहीं होती है. शिकायत के बाद जो आयुष्मान का का अस्पताल के साथ लिंकेज निरस्त हुआ था. वह जांच पूरे हुआ बिना ही बहाल हो जाता है. मेरी मंत्री से मांग है इस प्रकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का दुरुपयोग ना हो इसका ख्याल रखा जाए और ऐसे लोगों पर बंदिश लगाई जाए.

आयुष्मान के इलाज की सच्चाई सभी को पता

कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुमति मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि आज अस्पतालों डिस्पेंसरी की क्या स्थिति है वह सबके सामने आखिर क्यों हम इनको सुधारने में सफल नहीं हो पा रहे. हम जब तक आम आदमी को जो गरीब है, जो आबादी का 80- 85% हिस्सा वह कहीं ना कहीं सरकार की तरफ देखा है कि अस्पताल चला जाए और उसे इलाज मिल जाए कल चला जाए तो उसकी पूछ परख हो जाए. आज बहुत बड़ी पीड़ा की बात है कि हम एक आम आदमी को सस्ता और सुलभ इलाज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं. आयुष्मान के इलाज की सच्चाई सभी को पता है इसको छुपाने की कोई बात नहीं.

अस्पतालों को डॉक्टर नहीं मिल पा रहे क्यों

हमारे यहां से जो डॉक्टर एमबीबीएस करके जाते हैं वह अमेरिका और दूसरे देशों की स्वास्थ्य सुविधाएं संभाल रहे हैं. अब 10 साल का ऑडिट करिए. 10 साल में कितने एमबीबीएस डॉक्टर बने और उसमें कितने हमारे मध्य प्रदेश के अस्पतालों में सेवा दें रहे. यह बड़ा सवाल है कि क्यों हमारे अस्पतालों को डॉक्टर नहीं मिल पा रहे क्यों. आज एक गांव का व्यक्ति अस्पताल जाता है तो उसे रेफर कर दिया जाता है. मैं किसी नकारात्मक स्थिति में नहीं लाना चाह रहा हूं. मैं व्यक्तिगत रूप से मंत्री राजेंद्र शुक्ला जी करना चाहता हूं कि वह इसे सुधारने में लगे हुए, लेकिन भवन बनने से अस्पताल नहीं बनते. पिछले साल 12 साल का हिसाब निकालिए सिर्फ डॉक्टर नहीं नरसिंह लेकर दूसरे स्टाफ इतना बड़ा नर्सिंग घोटाला हो गया क्या कार्रवाई हो गई.

2-2 मंत्री और इंदौर में 13 साल से जिला अस्पताल भवन अधूरा

मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि आप प्रयास तो करें लेकिन 5-10 साल को ऑडिट तो करें. यदि अस्पताल में लोगों को इलाज नहीं दिला पा रहा है तो लाडली बहन को पैसे देने का क्या मतलब है. कई जगह तो आप मशीन खरीदने में ही मास्टर है. डायलिसिस की मशीन खरीदी हुई लेकिन मंत्री मशीनों को चलाने वाले ऑपरेटर हमारे पास नहीं है. 6 साल से जो मशीन 6 करोड़ में खरीदी गई वह जंग खा गई उसको चलाने वाला कोई नहीं है. बाहर से बाहर से आउटसोर्स रखने पर उनको देने के लिए स्टाफ को पैसा नहीं. इंदौर में 13 साल से जिला अस्पताल का भवन अधूरा पड़ा हुआ है दो-दो मंत्री है इंदौर से.

आयुष्मान योजना अच्छी है

कहते हैं गरीबों को 5 लाख का इलाज फ्री. क्या आपने जाकर देखा अस्पताल में क्या फ्री इलाज मिल रहा है अस्पताल में जब मरीज जाता है तो उसे कहता है पहले आप पैसे जमा कर दो आयुष्मान से आएगा तब वापस कर दिया जाएगा.स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अप्रैल में उसका लोकार्पण किया जाएगा आप भी स्वागत है. प्रदेश में कफ सिरप से मौत के मुद्दे को उठाते हुए शेखावत ने कहा कि प्रदेश में कफ सिरप बिक रहा है इससे 25 बच्चे मर गए हम कहते हैं मंत्री का इस्तीफा दो लेकिन मंत्री क्या करेगा हमारी व्यवस्था कितनी चरमरा गई. कहीं ना कहीं आपके तंत्र आपकी व्यवस्था में गड़बड़ी है.

पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा– स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कुशवाहा ने कहा कि- हमारे शिवपुरी में अस्पताल है, लेकिन हार्ट का डॉक्टर नहीं है. एक गंभीर बीमारी जब से कोरोना हुआ कोरोना के बाद हर 7 में से एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आ रहा है. मेरी मांग है कि शिवपुरी जिले के अस्पताल में हार्ट का डाक्टर दे. महिला चिकित्सक नहीं है नर्सिंग स्टाफ डिलीवरी करा रही है. स्वास्थ्य की स्थिति बहुत ही खराब है.

एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पा रही

कुशवाहा ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि दवा का असर कम हो रहा है. दवा ही जहर बन रही है दवाइयां मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव MR 10 रुपये में पहुचते है. उसको 110 rupye मे बेचा जा रहा है. ऐसा क्यों हो रहा है इसकी जांच होनी चाहिए. आसंदी से समय सीमा की याद दिलाने पर उस्मानी कहा कि जब कुत्तों पर 2 घंटे चर्चा हो सकती है तो इंसानों के स्वास्थ्य पर चर्चा कर रहा हूं. कुशवाहा ने नकली दवाइयां बनाने वाली कंपनियों की जांच करने की भी मांग की.

कई बीमारियों में यह राशि कम

अमरपाटन से कांग्रेस विधायक डा राजेंद्र कुमार सिंह ने अनुदान मांगों पर कहा– हमने विधानसभा सचिवालय में एक प्रस्ताव दिया है इसकी पूरी प्रक्रिया कर ली गई है सरकार के पास विचार के लिए भेजा गया है यह एक निजी विधयक है. हमारे यहां कहावत के बारे में कहा गया है की सबसे बड़ा सुख निरोगी काया और दूसरा घर में हो माया. तीसरे और चौथे सुख के बारे में बात नहीं करूंगा. मेरा जो विधेयक है सभी को निशुल्क स्वस्थ सेवा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी व्यवस्था लागू है और मैं चाहता हूं कि यह हमारे यहां भी होना चाहिए. हमारे यहां आयुष्मान है लेकिन यह 5 लाख तक का इलाज मिलता है सभी बीमारियों के लिए नहीं है कई बीमारियों में यह राशि कम पड़ती है.

इसलिए सारे चूहे इधर-उधर

आयुष्मान में सीनियर सिटीजन को जोड़ा गया है. किसी से प्रेरणा मिली कि सीनियर सिटीजन को जोड़ा जा सकता है तो बाकी कोरियर सेवा मिलना चाहिए सिर्फ जिनका बीमा कवर है उनको छोड़ा जाना चाहिए .पंजाब सरकार ने भी विधेयक लाया है इसमें सभी को 10 लाख तक का कवरेज दिया है. मैंने जो निजी विधेयक का प्रस्ताव दिया है उसमें 15 लाख का कवरेज सबको देने की बात की है. गंभीर बीमारी में यह 25 लाख तक का कवरेज दिया जाए. सदन में सदस्यों की कम संख्या पर राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज बिल्ली तीरथ करने गई है इसलिए सारे चूहे इधर-उधर है.

बड़वा से भाजपा विधायक सचिन बिल्ला ने कहा कि– वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र सिंह सदन के सदस्यों को छुआ करें मैं चाहता हूं कि इस बात को कारवाई से vilopit कराया जाए. इस पर आसंदी से अर्चना चिटनीस ने कहा कि सारे सदस्य शेर है आप कहां बिल्ली चूहे में पड़े हैं.

प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बीमार

सौसर से कांग्रेस विधायक रेवनाथ चौरे ने कहा कि– मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बीमार है. छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से बच्चे बीमार होते हैं उनको नागपुर इलाज के लिए भेजा जाया जाता है. इंदौर में बड़ी-बड़ी बातें होती है दूषित पानी पीने से बीमार मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया जाता है. यह स्वास्थ्य विभाग की हकीकत है. मैं मुख्यमंत्री को 22 चिट्ठीयां मरीजों के इलाज के लिए भेजी लेकिन उन्होंने एक भी चिट्ठी का मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से इलाज नहीं किया. वह कहते हैं कि बिना भेदभाव के काम करूंगा यह कांग्रेस विधायकों के साथ उनका व्यवहार दिख रहा है.

स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने की आवश्यकता

हमारे प्रदेश में स्वास्थ्य बहुत बदहाल स्थिति है डॉक्टर के पद खाली है. पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था कर मर गई है. आयुष्मान की बड़ी-बड़ी बात की जा रही है उसमें बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है कई लोग इलाज के नाम पर भर्ती हो जाते हैं और डॉक्टर इलाज के नाम पर बिल निकाल लेते हैं. 5 लाख के मुफ्त इलाज का दावा किया जाता है कई बीमारी में 10 लख रुपए लग जाते हैं. मैं कहना चाहता हूं कि मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने की आवश्यकता है.

सैलाना क्षेत्र में एक भी महिला चिकित्सक नहीं

भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सदन में कहा कि- आदिवासी क्षेत्रों में स्थिति बहुत खराब है चिकित्सक समय पर उपलब्ध नहीं होते. सैलाना क्षेत्र में एक भी महिला चिकित्सक नहीं है. जानबूझकर सरकार सुविधा नहीं दे रही. मोटी फीस लेकर डॉक्टर को बढ़ावा देने का काम कर रही है सरकार. सभी क्षेत्रों में चिकित्सा अपग्रेड की जा रही है. लेकिन आदिवासी क्षेत्र में क्यों नहीं.

स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं है

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सदन में बोले- मध्य प्रदेश में सरकारी अस्पतालों की बिल्डिंग लगता है भूतों के लिए बना रही है. कोई डॉक्टर नहीं पद होने के बावजूद भी और जहां पद है वहां डॉक्टर बैठते नहीं. कैग की रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है. चूहों को कंट्रोल करने के लिए करोड़ों रुपए का खर्च किया जा रहा है. इसमें भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है. हवाई सेवा के माध्यम से एयर एंबुलेंस की बात कही है.. मौके पर 108 सरकार एंबुलेंस पहुंच नहीं पा रही और रईसों के लिए हवाई सेवा की बात करते हैं. 2047 का सपना दिखा रहे हैं. क्या 2047 में डॉक्टरों की भर्ती करेंगे. 2026 में कुछ नहीं कर पा रहे. भर्तियां आरक्षण में उलझा रही है. टेली मेडिसन की बात है.जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उप स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं है तो यह एक परिकल्पना है टेली मेडिसिन.

प्रतिबंधित दवों का काला कारोबार चरम पर

किसका घर बैठे डॉक्टर मरीज को ऑनलाइन देख रहा है किस गांव में किस विधानसभा में इस शहर में टेलीमेडिसिन जा रही है यदि ऐसा कुछ कर रही है सरकार तो इसका प्रचार क्यों नहीं कर रही. सरकार ने चिल्ला चिल्ला कर हवाई एंबुलेंस का प्रचार किया था लेकिन टैली मेडिसिन को लेकर सरकार चुप है दूध का दूध पानी का पानी सामने है. यदि ड्रग सेफ्टी पर खर्चा हम देखें तो मध्य प्रदेश के प्रति व्यक्ति पर एक रुपए से अधिक खर्च आ रहा है लेकिन सरकार मामले पर कुछ नहीं करती, जांच तक सही नहीं हो पाती. 79 ड्रग इंस्पेक्टर है फर्जी तरीके से सर्वे करते हैं. प्रदेश में अवैध और प्रतिबंधित दवों का काला कारोबार चरम पर है. नए तरीके का भ्रष्टाचार किया जा रहा है.

42 आत्महत्या प्रतिदिन हो रही है

ग्रामीण जनता के साथ स्वास्थ्य विभाग का भेदभाव हो रहा है यह सरकार ने पैसा रखा लेकिन छोटे स्तर के लिए नहीं. गरीबों के इलाज के लिए पैसा नहीं रखा बजट में. भागदौड़ से बड़ी जिंदगी हो गई मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ा मुद्दा है लेकिन मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा हो रही है। युवा आत्महत्या की ओर जा रहे हैं. 32385 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं. 42 आत्महत्या प्रतिदिन हो रही है. नरसिंहपुर की घटना को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को 90 दिन में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बेहतर व्यवस्था करने का निर्देश दिया था. नरसिंहपुर की घटना में जलन के चलते एक बहन ने एक बहन की हत्या कर दी थी. अनाधिकृत ब्लड बैंक संचालकों के मामले सामने आ रहे हैं. सतना के मामले से भी सरकार चैट नहीं पाई.

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