प्रदीप मालवीय, उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास पर पहुंचे। जहां इंदौर रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राउंड पर विक्रम उत्सव के अंतर्गत आयोजित विक्रम व्यापार मेले का भव्य शुभारंभ किया गया। सीएम के आगमन पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और व्यापारिक संगठनों ने उनका स्वागत किया। पूरे आयोजन स्थल पर उत्सव का माहौल देखने को मिला।

सीएम डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की। इस दौरान उन्होंने मेले का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने वाहन डीलरों और व्यापारियों से संवाद करते हुए बिक्री, छूट और बाजार की स्थिति पर चर्चा की। इस मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर के अंतर्गत टू व्हीलर, फोर व्हीलर, सिक्स व्हीलर से लेकर भारी ट्राले और व्यावसायिक वाहनों की बिक्री होगी। जहां प्रमुख कंपनियां अपने-अपने वाहन बेचने के लिए पहुंची है।

मुख्यमंत्री ने फोर व्हीलर गाड़ी की चाबी प्रदान की

मंच से मुख्यमंत्री ने पहली गाड़ी का अनावरण किया और क्रेता को विधिवत चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों से स्वागत किया। मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर के बाद अब उज्जैन में भी इस प्रकार का व्यापार मेला प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

व्यापारियों और ग्राहकों के लिए लाभकारी

उन्होंने बताया कि आरटीओ के माध्यम से दी जा रही विशेष रियायतें और टैक्स छूट व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी। इससे वाहन बिक्री के साथ-साथ अन्य संबंधित व्यवसायों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह आयोजन लगातार तीसरे वर्ष किया जा रहा है और हर वर्ष व्यापारिक आंकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। वर्ष 2024 में लगभग 137 करोड़ का व्यापार हुआ था, जो अगले चरण में बढ़कर लगभग 187 करोड़ रुपये तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से प्रदेश सरकार को भी टैक्स के रूप में महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होता है।

प्राचीन अवंतिका परंपरा का किया उल्लेख

सीएम डॉ मोहन ने यह भी जानकारी दी कि नगर निगम को प्लॉट बिक्री से अब तक 4 करोड़ 10 लाख रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है, जो स्थानीय निकायों की आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय संस्थाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता आवश्यक है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उज्जैन की प्राचीन अवंतिका परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नगरी हजारों वर्षों से व्यापार, धार्मिक और शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र रही है। बाबा महाकाल की नगरी में व्यापार मेले का आयोजन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पुनर्स्थापित करने का भी प्रयास है।

विक्रम व्यापार मेले की सफलता की कामना

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि देशभर से व्यापारी उज्जैन आएं, निवेश करें और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। विक्रम उत्सव के माध्यम से उज्जैन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विक्रम व्यापार मेले की सफलता की कामना करते हुए सभी व्यापारियों, उद्योगपतियों और नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और प्रदेश के समग्र विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई थीं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

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