शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने लाल परेड ग्राउंड में झंडा वंदन किया और परेड की सलामी ली। परेड में 23 प्लाटून, अश्वरोही दल, शौर्य दल, डॉग स्क्वाड शामिल रहे। वहीं गवर्नर ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और सभी सदस्यों के साथ स्वतंत्रता सेनानियों को नमन भी किया हैं।

राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने देश और प्रदेशवासियों को दी 77 वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आज पूरा देश देशभक्ति, गर्व और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। इस अवसर पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान सभा के सभी सदस्यों और उन अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं। जिनके संघर्ष, त्याग और बलिदान से हमें स्वतंत्रता और संविधान प्राप्त हुआ।

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पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है

उन्होंने आगे कहा कि मध्यप्रदेश को बाबा साहेब की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है। सामाजिक न्याय, समता और बंधुत्व के उनके विचार हमारे मार्गदर्शक हैं। आज भारत विश्व पटल पर सशक्त, आत्मविश्वासी और सम्मानित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा निरंतर बढ़ी है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को विकास के केंद्र में रखकर देश को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और किसानों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।

2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा

राज्यपाल ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी तैयारियां पूर्व से चल रही हैं। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का बजट वर्ष 2002-03 के 600 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य के अंतर्गत कृषि विकास का बहुआयामी मॉडल अपनाया गया है, जिसमें तकनीक हस्तांतरण, आय वृद्धि, प्राकृतिक खेती, बाजार एवं निर्यात, नवाचार और डिजिटल पारदर्शिता सहित 10 गतिविधियाँ शामिल हैं। जो शीघ्र ही समस्त जिलों में लागू किये जायेंगे। प्रदेश की 259 मंडियों में ई-मंडी योजना लागू है तथा 40 लाख कृषकों का पंजीयन किया जा चुका है। उद्यानिकी फसलों के प्रोत्साहन से प्रदेश में क्षेत्रफल 20 प्रतिशत तथा उत्पादन 23 प्रतिशत बढ़ा है।

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