मनोज उपाध्याय, मुरैना। जिला अस्पताल में नर्सिंग छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा में हुई सामूहिक नकल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग कॉलेज के संचालकों और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को नोटिस जारी किया है। इधर, सिविल सर्जन ने भी जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है, वहीं कलेक्टर ने भी इस मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई है।

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इस घटनाक्रम के बाद रविवार छुट्टी के दिन सीएमएचओ कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कुछ नर्सिंग कॉलेज संचालकों की बैठक हुई। बैठक के बाद जब नर्सिंग कॉलेज संचालकों से पूछा गया कि आपका कॉलेज कहां संचालित है, तो वो कोई जवाब नहीं दे पाए। संचालक मुंह फेरकर भागने लगे।

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वहीं कई संचालकों ने जो पता बताया, वहां हकीकत में ऐसी कोई बिल्डिंग ही नहीं है, जहां नर्सिंग कॉलेज संचालित किया जा सके। वहीं सिविल सर्जन डॉक्टर विनोद गुप्ता का कहना है कि उन्हें किसी भी स्तर से लिखित में या मौखिक रूप से इस परीक्षा की जानकारी नहीं दी गई, इसलिए यह गफलत हो गई, जबकि कॉलेज संचालकों का कहना है कि जानकारी देने का काम परीक्षा नियंत्रक का है, वहां से किसी को जानकारी नहीं दी गई।

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