दीपक ताम्रकर, डिंडोरी. कलेक्टर नेहा मारव्या ने बड़ी कार्रवाई की है. उन्होंने आश्रम अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. जबकि विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा सहायक आयुक्त कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी पर भी निलंबन की गाज गिरी है. दरअसल, बुधवार को कलेक्टर ने शासकीय आदिवासी बालक आश्रम और छात्रावास का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की.

कलेक्टर ने छात्रावास व्यवस्था, पेयजल, शिक्षा, भोजन गुणवत्ता, मेनू अनुसार भोजन, अध्ययन कक्ष, शौचालय सुविधा, साफ सफाई, सुरक्षा,स्टॉक रजिस्टर, खाद्य वितरण पंजी, खाद्य भंडार पंजी आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया. कलेक्टर ने अधीक्षक से जानकारी ली. जिसमें बताया गया कि 2016 से आज दिनांक तक कोई स्टॉक रजिस्टर और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है. ऐसे में कलेक्टर ने आश्रम अधीक्षक कमलेश गौलिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

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इधर, छात्रावासों और विद्यालय का निरीक्षण नियमित रूप से निरीक्षण नहीं करने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी निलंबित कर दिया गया है. सहायक आयुक्त कार्यालय डिंडौरी में पदस्थ राजेश मरकाम के द्वारा जिले के संचालित छात्रावासों का सुपरवीजन न करने, छात्रावासों को वितरण सामग्री का संधारण सही न करने और छात्रावासों का सामग्री वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, अन्य रजिस्टर और नियमित रूप से जांच न करने निलंबित करने के निर्देश दिए हैं.

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि छात्रावास भवन की व्यवस्थाओं को ठीक कराएं. पेयजल के लिए आरओ सुविधा का प्रबंधन समय-समय पर कराएं. शासकीय सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास बरगांव, शहपुरा में भी अधीक्षक मानसिंह परस्ते से कलेक्टर के द्वारा भंडार पंजी, स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, जिले से प्राप्त सामग्री आदि रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किए गए.

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