जबलपुर। Jabalpur CBI Raid: मध्य प्रदेश के जबलपुर में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने SECL के भविष्य निधि (PF) क्लर्क उमाशंकर तिवारी को रिश्वत लेने के दौरान धर दबोचा। आरोपी ने फरियादी से पीएफ के पैसे निकालने के एवज में घूस मांगी थी। जिसकी शिकायत मिलते ही सीबीआई एक्शन में आई और कल मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।

14 मई 2021 में हो गई थी कर्मचारी की मृत्यु

दरअसल, कुडरी कोल माइंस में कार्यरत कर्मचारी कटनी निवासी बाबू नंदन बर्मन की 14 मई 2021 में मृत्यु हो गई थी। उनकी पीएफ राशि करीब 60 लाख रुपए हो गई थी। जब परिजनों ने बकाया पीएफ जारी करने की मांग की तो कोल माइंस प्रोविडेंट फंड (CMPF) के क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर कमिश्नर और नवरोजाबाद के PF क्लर्क उमाशंकर तिवारी ने मिलकर आवेदक ने इसके बदले में 5 लाख रुपये की रिश्वत मांग ली। जिसके बाद उसने 24 मार्च को सीबीआई में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ शिकायत कर दी। 

60 लाख निकालने के बदले में 5 लाख की डिमांड

शिकायतकर्ता राजकुमार बर्मन ने बताया कि उसने कई बार नवरोजाबाद कार्यालय में पिता के PF रकम जारी करने के लिए आवेदन दिया। लेकिन वहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वहां मौजूद पीएफ क्लर्क उमाशंकर तिवारी ने उससे कहा कि वह उसे 5 लाख रुपए दे दे। इसमें से ढाई लाख रुपए कमिश्नर लेंगे। जिसके बाद उसे पीएफ की राशि मिल जाएगी। 

फोन पर होती थी डिमांड 

शिकायतकर्ता और उसका रिश्तेदार जबलपुर स्थित CMPF कार्यालय भी गए, जहां PF क्लर्क ने उनकी मुलाकात क्षेत्रीय कमिश्नर से करवाई। दोनों के मिलने के बाद PF क्लर्क ने शिकायतकर्ता के रिश्तेदार को कई बार फोन कर पहली किस्त के रूप में 1.5 लाख रुपए  देने के लिए कहा। जिसके बाद दोनों में सौदा हो गया। 

रंगे हाथों CBI ने दबोचा 

24 फरवरी को राजकुमार बर्मन ने इसकी शिकायत CBI में कर दी। इसकी सत्यता पाने के बाद जाल बिछाया गया। जैसे ही युवक ने पीएफ क्लर्क को पैसे थमाए, सीबीआई ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने उसे जब्त कर लिया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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